आगरा. मकर संक्रांति का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। स्नान, ध्यान और दान कर लोगों ने पुण्य कमाया। जगह जगह खिचड़ी का दान किया गया। महिलाओं ने अपने बुजुर्गों, सेवकों को वस्त्र आदि दान किए। साथ ही अगली मकर संक्रांति तक दान करने का संकल्प भी लिया। महिलाओं ने 14 वस्तुओं का दान करके पुण्य कमाया। इस दिन महिलाएं हर माह या छह बाद या साल में एक बार 14 वस्तुओं के दान का संकल्प लेती हैं। ये वस्तुएं प्रायः ननद, देवर, सास, श्वसुर, ननद के बच्चों आदि को दान दी जाती हैं। इन वस्तुओं में श्रंगार सामग्री, बर्तन, रूमाल, धोती और अन्य उपयोगी सामान होता है।