दयालबाग के राधा स्वामी समाधि स्थल पर लगाया गया है स्वर्ण कलश
आगरा। कई सालों से जिस समय का इंतजार था वो आखिरकार पूरा हो गया। राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरनधनी स्वामीजी महाराज की पवित समाधि पर स्वर्ण कलश की स्थापना हो गई। ताजमहल पर लगे भी इस समाधि पर लगे कलश की ऊंचाई के मामले में पीछे हैं।
ताजमहल में गुंबद के ऊपर लगे कलश की ऊंचाई 30.6 फुट
राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरनधनी स्वामीजी महाराज की पवित्र समाधि का कलश ताजमहल से ऊंचा है। ताजमहल में गुंबद के ऊपर लगे कलश की ऊंचाई 30.6 फुट है वहीं स्वामीबाग समाधि में कलश की ऊंचाई 31.4 फुट। बताया गया है कि मुगल काल में बादशाह शाहजहां ने जब ताजमहल में कलश स्थापित कराए थे तो ये स्वर्ण से निर्मित थे। लेकिन, अंग्रजों के आक्रमण के बाद स्वर्ण कलश के स्थान पर कांसे के कलश लगाए गए। वहीं पवित्र स्वामीबाग समाधि के गुंबद पर 31.4 फुट ऊंचा कलश भी स्वर्ण से निर्मित है। जो 155 किलोग्राम सोने की परत से बना है।
ये है खासियत
साल 1928 में इस कलश का डिजाइन बनकर तैयार किया गया था, जिसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया। इस कलश को सात हिस्सों में बनाया गया है, पूरे कलश का वजन करीब पांच टन है जिसमें तांबा धातु का प्रयोग हुआ है। तांबे के कलश के बीचोबीच स्टेनलेस स्टील की मोटी छड़ गुंबद के ऊपर लगाई गई है, जिसमें यह कलश पिरोया गया है। बताया गया है कि तांबे के बने कलश के ऊपर 6 माइक्रोन की सोने की परत चढ़ाई गई है। इसमें 155 किग्रा सोना लगा है। समाधि की जमीन से ऊंचाई 192.4 फुट हो गई है, जो आस पास के स्मारकों को टक्कर देती है।
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