सैय्यद पाड़ा निवासी शाबिर ने बताया कि उनका जूते का छोटा कारखाना है। उनके यहां 40 लोग काम करते हैं। नोटबंदी के बाद काम पहले से ही कम चल रहा था, लेकिन अब GST Bill India का डर सता रहा है। शाबिर ने बताया कि अभी तक 500 रुपये के जूते पर कोई टैक्स नहीं था, जिससे बचत ठीक ठाक निकल आती थी, लेकिन GST Bill लागू होने के बाद जहां ये जूता टैक्स के दायरे में आया, बचत की तो भूल ही जाएं, घर से भी पैसा लगाना पड़ जाएगा। अहमद हुसैन ने बताया कि उनका भी जूते का काम है। GST Bill Effects के डर से मार्केट से भी आॅर्डर कम मिल रहे हैं, जिसके चलते कारखाना ठप हो गया है।