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होला मोहल्ला: जानिए क्या है कथा, क्यों हुई शुरुआत

ऐतहासिक गुरुद्वारा गुरु के ताल पर होला मोहल्ला पर विशेष दीवान आयोजित हुआ।  

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आगरा

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Dhirendra yadav

Mar 03, 2018

Hola Mohalla 2018

Hola Mohalla 2018

आगरा। होला मोहल्ला रंगों के त्योहार होली के अगले दिन मनाया जाता है। ऐतहासिक गुरुद्वारा गुरु के ताल पर होला मोहल्ला पर आयोजित विशेष दीवान में भाई केवल सिंह ने इतिहास का वर्णन करते हुए कथा की। भाई रणजीत सिंह ने होला मोहल्ला पर प्रकाश डालते हुए कहा की श्री गुरु गोविन्द सिंह जी ने रंगों को हटा कर होली पर ज्ञान की बात करी थी। श्री आंनद पुर साहिब की धरती पर जो जत्थे बना कर जंग करवाते थे। उन्होंने बताया कि मोहल्ला शब्द से भाव है, ‘मय हल्ला’। मय का भाव है ‘बनावटी’ तथा हल्ला का भाव है ‘हमला’। जो जीतता था उसे पुरस्कार देते थे और जो हार जाता था उसे और शिक्षा देकर निपुण करते थे।


हुआ गायन
कथा के अवसर पर भाई कुलदीप सिंह कोमल ने मोली धरती मौल्या आकाश
अर्थात बसंत राग का सबद गायन करते हुए कहा की बसंत ऋतु में धरती और आकाश एक ही रंग में रंग जाते हैं। भाई गुरु लाल सिंह ने भी बसंत ऋतु के आगमन पर सबद नानक तिन्हा बसंत है का गायन किया। इस अवसर पर मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह, मीडिया प्रभारी मास्टर गुरनाम सिंह, अमर सिंह, महंत जी, अजायब सिंह टीटू, हरबंस सिंह, सुशील सिंह, हरनाम सिंह आदि की उपस्थिति रही।