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अगर आप लेखक, कवि, साहित्यकार हैं यो यहां फ्री में छपवाएं पुस्तक

-निखिल पब्लिशर्स का आह्वान ‘लिखिए आप, छापेंगे हम’ -हर दिन एक नई पुस्तक प्रकाशित की जा रही है -राष्ट्रीय पुस्तक मेला में सरला वर्मा की पुस्तक का विमोचन

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Book release

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आगरा। तमाम लोग लेखन कार्य कर रहे हैं। कवि, शायर, साहित्यकार, लेखक, शोधकर्ता के रूप में। समस्या यह है कि लेखन पांडुलिपि में कैद होकर रह जाता है। बड़े प्रकाशक नए लेखक को तो भाव ही नहीं देते हैं। अधिकांश प्रकाशक पैसे लेकर पुस्तकें छापते हैं। लेखक को रॉयल्टी तक नहीं मिलती है। इस आपाधापी के बीच निखिल पब्लिशर्स ने लेखकों का आह्वान किया है कि वे लिखें, हम छापेंगे।

हर दिन पुस्तक प्रकाशित हो रही

पब्लिशर्स के कर्ताधर्ता एमएम शर्मा ने पत्रिका को बताया कि साहित्यिक पुस्तकों के अलावा शोध पुस्तकें, कविता संग्रह, कहानी संग्रह, आत्मकथा, स्कूल-कॉलेज की पुस्तकें भी प्रकाशित कर रहे हैं। लगभग हर दिन एक नई पुस्तक प्रकाशित की जा रही है। उन्होंने इस बात को गलत बताया कि आज लोग पुस्तकें पढ़ने वाले नहीं हैं। जरूरत इस बात की है लोगों तक पुस्तकें पहुंचें। इसके लिए हम प्रत्येक पुस्तक मेला में जाकर प्रदर्शनी लगाते हैं। ऐसे तमाम लेखक मिलते हैं, जिनसे प्रकाशक पैसे लेकर पुस्तकें छापते हैं। यह लेखक के साथ अन्याय है। इसी कारण निखिल प्रकाशन आईएसबीएन नम्बर के साथ पुस्तक प्रकाशित कर रहा है। पुस्तक अच्छी होनी चाहिए।

क्या कहते हैं लेखक

आगरा के इतिहासकार राजकिशोर राजे की कई पुस्तकें निखिल प्रकाशन ने छापी हैं। उन्होंने बताया कि लेखक को रॉयल्टी भी मिलती है। इटावा से लेखक और कवि दीपक राज की पुस्तकें भी यहां से प्रकाशित हुई हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा लिखें, पुस्तक जरूर प्रकाशित होगी। इसी दौरान डॉ. सरला वर्मा की शोधपरक पुस्तक का विमोचन भी स्टॉल पर किया गया।