16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ी खबर: बुलियन कारोबारी पर आयकर का छापा, 24 घंटे चले सर्वे में खजाना लगा हाथ

आगरा के बुलियन कारोबारियों से मिली 18 करोड़ की अघोषित आय

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Abhishek Saxena

Feb 22, 2018

income tax, survey, income tax survey, bulliyan, gold, silver, 16 crore rupee surrender, kk jewels, kk jewellers, inter gold jweller

आगरा।आगरा में बुधवार को आयकर विभाग के रेंज 4 की संयुक्त आयुक्त बेलू सिन्हा के निर्देशन में उपायुक्त ज्योत्सना के नेतृत्व में पांच आयकर अधिकारियों की टीम ने आगरा में चौबेजी का फाटक, नमक की मंडी और चेन्नई समेत चार प्रतिष्ठानों पर इंटरगोल्ड ज्वैलर्स और केके ज्वैलर्स पर सर्वे किया था। आयकर विभाग द्वारा शहर के दो बुलियन कारोबारियों और उनसे जुड़ी चेन्नई की एक इकाई पर किये गये सर्वे में करीब 18 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है।

24 घंटे चली कार्रवाई
शहर में सर्वे की कार्रवाई 24 घंटे तक चली है। प्रधान आयकर आयुक्त सीमा राज और अपर आयुक्त वेलू सिंहा के निर्देशन में आयकर अधिकारियों की दो टीमों ने इन सर्वे कोे अंजाम दिया है। सर्वे टीमों का नेृतत्व उपायुक्त ज्योत्सना व विंग के सहायक निदेशक योगेंद्र मिश्रा कर रहे थे। नमक मंडी, सैनिक प्रेस कसेरठ बाजार व चौबे जी का फाटक जैसी शहर की तंग गलियों में इन परिसरों के स्थित होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी मांग लिया गया था।रेंज फोर और विंग की टीमों ने इंटरगोल्ड ज्वैलर्स और केके ज्वैलर्स के छह ठिकानों को खंगाला। खरीद-बिक्री का ब्योरे समेत तमाम कच्चे पक्के बिल आदि कब्जे में लिये गये। मुनाफे की भी पड़ताल की गई। इंटरगोल्ड के अखिल जैन का चेन्नई में चांदी की पायल, सोने की ज्वैलरी और बुलियन का बड़ा कारोबार है।

सर्वे की जद में आए कारोबारी एक ही खानदान के सदस्य
आगरा में भी नमक की मंडी और चौबेजी का फाटक में फर्म सोने और चांदी का काम करती है। वहीं केके ज्वैलर्स के रोशन जैन का भी बुलियन का अच्छा कारोबार है। बताया जाता है कि सर्वे की जद में आए ये सभी कारोबारी एक ही खानदान के सदस्य हैं। सर्वे को देख सर्राफा बाजार में हड़कम्प मच गया। कई व्यापारियों ने अपने शटर गिरा लिये। विभागीय सूत्रों का दावा है कि चेन्नई स्थित इकाई से सात करोड़ और आगरा की दो इकाइयों से क्रमश: छह और पांच करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा हुआ। सर्वे को अंजाम देने वालों में आयकर अधिकारी अजय दुबे, हरिओम सिंह, हरि बाबू वर्मा, राकेश बाबू, राकेश शर्मा और कई आयकर निरीक्षक शामिल थे।