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Taj Mahal Controversy: महाशिवरात्रि पर ताजमहल- तेजोमहल खोलने की उठी मांग…क्या है इतिहास, किन तर्कों पर खड़ा हुआ यह विवाद?

आगरा के ताजमहल का मामला फिर गरमा गया है। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने केंद्रीय धर्म संस्कृति पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर महाशिवरात्रि पर्व पर ताजमहल खोले जाने की मांग की है। आइये जानते हैं क्या है इसका इतिहास और किन तर्कों पर यह विवाद तूल पकड़ रहा है।

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आगरा

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Mahendra Tiwari

Feb 13, 2026

Mahashivratri free entry Taj Mahal

Mahashivratri Free Entry Taj Mahal: आगरा में महाशिवरात्रि को लेकर ताजमहल में मुफ्त प्रवेश की मांग उठी है। हिंदूवादी नेता अजय तोमर ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री को पत्र भेजकर 15 फरवरी को एक दिन के लिए निशुल्क एंट्री देने की अपील की है। उन्होंने इसे हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया है।

योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने कहा कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व है। जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर देशभर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने मांग की है कि आगरा स्थित ताजमहल को एक दिन के लिए श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क खोला जाए। तोमर ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और धर्म मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को औपचारिक पत्र सौंपा है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के आगरा सर्कल को निर्देश जारी कर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर मुफ्त प्रवेश की अनुमति दी जाए।

महाशिवरात्रि पर ताजमहल खोलने की मांग क्यों उठी?

उन्होंने कहा कि जब शाहजहां के उर्स के दौरान तीन दिन तक ताजमहल में निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। तो महाशिवरात्रि जैसे बड़े हिंदू पर्व पर भी ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि कई लोग ताजमहल को तेजोमहल और भगवान शिव से जुड़ा स्थल मानते हैं। तथा इसे आस्था का केंद्र बताते हैं। अजय तोमर ने आरोप लगाया कि हिंदुओं के साथ दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और प्रदेश में सनातन विचारधारा की सरकार है। इसलिए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। फिलहाल इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ताजमहल या तेजो महल वर्ष 2015 में दायर हुई थी याचिका

ताजमहल को लेकर विवाद फिर से चर्चा में है। अब तक दायर याचिकाओं में एक ही मुद्दा उठाया गया है। ताजमहल या तेजोमहल? साथ ही परिसर में आरती और पूजा की अनुमति देने की मांग भी की गई है। साल 2015 में सात लोगों के समूह ने आगरा की सिविल अदालत (सीनियर डिवीजन) में याचिका दाखिल की थी। केस संख्या 356 में कहा गया कि 16वीं सदी की यह मशहूर इमारत असल में ‘तेजो महालय’ नाम का शिव मंदिर थी। इसलिए हिंदुओं को यहां पूजा की इजाजत मिलनी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की कि जिन कमरों को बंद रखा गया है। उन्हें खोला जाए। यह याचिका हरि शंकर जैन ने ‘श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर पैलेस’ के नाम से दायर की थी।

109 ऐतिहासिक तथ्यों का दिया गया प्रमाण

याचिका में दावा किया गया कि 109 पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों से साबित होता है। कि यह स्थल एक हिंदू मंदिर है। मुख्य भवन संगमरमर के चबूतरे पर बना है। इसका ढांचा चौकोर है। इसमें आठ दिशाओं की ओर मुख हैं। पूर्व, पश्चिम और दक्षिण की ओर गर्भगृह जैसे प्रवेश द्वार बताए गए हैं, जबकि उत्तर दिशा संगमरमर की जाली से बंद है। इसे उत्तर भारत के शिव मंदिरों की बनावट जैसा बताया गया। यह मामला अभी भी निचली अदालत में लंबित है। हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी एक याचिका दायर कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से ताजमहल के अंदर के 20 बंद कमरों को खुलवाकर जांच कराने की मांग की गई।

किसी मकबरे को बनाने में 22 साल लगा तर्कसंगत नहीं

याचिका में यह भी कहा गया कि ताजमहल का नाम शाहजहां की पत्नी मुमताज महल पर रखा गया। जबकि कुछ किताबों में उनका नाम मुमताज-उल-जमानी बताया गया है। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि किसी मकबरे को बनाने में 22 साल लगना तर्कसंगत नहीं है।

यह नई याचिका ऐसे समय आई है। जब हिंदू संगठन काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर और कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर को लेकर भी अपने दावे रख रहे हैं। इन मामलों में आरोप है कि मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी।

ताज महल True Story के बाद बड़ा विवाद

ताजमहल को लेकर विवाद 1989 में इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक की किताब Taj Mahal: The True Story के बाद बढ़ा था। इसमें दावा किया गया था कि यह इमारत पहले शिव मंदिर और ‘तेजो’ नाम का राजपूत महल थी। जिसे मुगल शासक ने लेकर मकबरे में बदल दिया। 2015 की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार, संस्कृति मंत्रालय और एएसआई को नोटिस भेजा था। अगस्त 2017 में एएसआई ने जवाब दिया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार ताजमहल एक मकबरा है। जिसे शाहजहां ने अपनी पत्नी की याद में बनवाया था। एएसआई के मुताबिक यह जमीन जयपुर के महाराजा मान सिंह के पोते राजा जय सिंह से ली गई थी।

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