
आगरा। मई और जून की छुटिटयों में घूमने फिरने वालों के लिए भारतीय रेल और आगरा कैंट रेलवे स्टेशन ने खुशी की सूचना दी है। तत्काल रिजर्वेशन की लाइन में अब लोगों को नहीं लगना होगा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन सिस्टम को बायोमैट्रिक टोकन सिस्टम से जोड़ दिया गया है। इस सिस्टम से दलाल भी अब रेलवे में सेंधमारी नहीं कर सकेंगे।
लगेगी दलालों पर लगाम
इस सिस्टम के लागू होने के बाद तत्काल टिकट में सक्रिय दलालों के कॉकस पर लगाम कसने की पूरी संभावनाएं हैं। इसके साथ ही रिजर्वेशन के लिए यात्रियों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। अभी एक दिन में एक व्यक्ति को केवल एक ही रिजर्वेशन फार्म दिया जाएगा। फार्म में ऋटि होने पर काउंटर से दूसरा फार्म दिया जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे में आगरा छावनी रेलवे स्टेशन पर बायोमैट्रिक टोकन सिस्टम के लिए पीआरएस में रिजर्वेशन कराने वाले टिकट खिड़की पर लगे बायोमैट्रिक पर अपने हाथ की अंगुलियों को लगाना होगा। इसके बाद यात्री को टोकन और रिजर्वेशन फार्म मिल सकेगा। फार्म भरने के बाद आरक्षण कराने वाले को लाइन में भी नहीं लगना होगा। उसका टोकन नंबर टिकट खिड़कियों की डिस्प्ले स्क्रीन पर आ जाएगा। टोकन नंबर स्क्रीन पर आने के बाद आवेदक फार्म जमा करके रिजर्वेशन करा सकेगा। आगरा रेल मंडल के वाणिज्य प्रबंधक डॉ. संचित त्यागी का कहना है कि आगरा कैंट स्टेशन पर एनसीआर का पहला बायोमैट्रिक रिजर्वेशन सिस्टम शुरू हुआ है। ट्रायल सफल होने पर अन्य स्टेशनों पर भी इसे लागू किया जा सकता है।