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आगरा। इनर रिंग रोड प्रभावित किसान लम्बे समय से जमीन अधिग्रहण का चार गुना मुआवजे या 2011 से 2013 तक ब्याज की मांग कर रहे है। पूर्व में अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता हुई। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की हठधर्मिता से विफल हुई। इस बैठक में आगरा विकास प्राधिकरण पर आरोप लगाया गया कि वह किसानों को भड़का कर दंगा कराना चाहता है, ताकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बदनाम हो।
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दूसरी बार की वार्ता भी विफल
कलक्ट्रेट सभागार में किसानों के साथ फिर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। इसमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन निधि श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट योगेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर रजनीश मिश्रा, उप जिलाधिकारी (एसडीएम) किरावली विनीता सिंह, अपर जिलाधिकार नगर के अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता ओमप्रकाश चलनी वाले, भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह चाहर, श्याम सिंह भी मौजूद थे। वार्ता आज भी विफल रही क्योंकि किसानों के तर्क एंव सबूतों के सामने आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारी जवाब नहीं दे सके।
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किसानों का तर्क
किसान कृपाल सिह एवं मुकेश पाठक ने कहा कि इमरजेंसी क्लोज में 2011 में आगरा विकास प्राधिकरण ने कब्जा ले लिया। मुआवजा 2013 में दे रहे हैं, वो भी चार गुना नहीं, जबकि जमीन अधिग्रहण एक्ट में साफ है कि इमरजेसी क्लोज में अधिग्रहण भूमि का तुरन्त 80 प्रतिशत प्रतिकर दिया जायेगा, लेकिन एक पैसा नही दिया गया है।
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एडीए की भाजपा विरोधी मानसिकता
भाजपा नेता ओमप्रकाश चलनी वालों ने कहा है कि एडीए प्रशासन भाजपा विरोधी मानसिकता से कार्य कर रहा है। किसानो को उकसाकर दंगा कराना चाहता है, जिससे भाजपा सरकार बदनाम हो और विरोधी दलों को मौका मिले। उन्होंने कहा कि आगरा विकास प्राधिकरण अधिकारियो की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
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किसानों को पुलिस या बंदूक से न डराएं
किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने कहा है कि प्रशासन किसानों की मांगो को पूरी करे। मांगें जायज हैं। आगरा विकास प्राधिकरण ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि एडीए प्रशासन किसानों को पुलिस और बन्दूक से न डराये, अन्यथा गम्भीर परिणाम होंगे। क्यो कि किसान भी मरने मारने पर उतारू है।
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Published on:
22 May 2018 07:50 am
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