
Inspirational Motivational story
7-8 वर्ष का एक लड़का अपनी 4 वर्ष की बहन के साथ बाजार से जा रहा था। अचानक उसे लगा कि उसकी बहन पीछे रह गई है। वह रुका पीछे मुड़कर देखा तो जाना कि उसकी बहन एक खिलौने की दुकान के सामने खड़ी किसी चीज को देख रही है।
उसने अपनी बहन से पूछा- “कुछ चाहिए ?”
लड़की ने एक गुड़िया की तरफ उंगली उठाई। भाई जिम्मेदार बनकर दुकानदार से बोला- “वह गुड़िया मेरी बहन को दे दीजिए, गुड़िया पाकर बहन बहुत खुश होगी।”
भाई-बहन का प्यार दुकानदार देख रहा था। बच्चे का ऐसा प्यार देखकर दुकान पर आश्चर्यचकित भी हुआ। वह बच्चा बहन के साथ काउंटर पर आया और दुकानदार से पूछा कि अंकल कितनी कीमत है इस गुड़िया की ?
दुकानदार एक सरल व्यक्ति था उसने जीवन के कई उतार-चढ़ाव देखें थे। उन्होंने बड़े प्यार से पूछा- “बताओ बेटे आप क्या दे सकते हो ?”
बच्चे ने अपनी जेब से वह सारी सीपें बाहर निकालकर दुकानदार को दे दी, जो उसने थोड़ी देर पहले बहन के साथ समुंदर किनारे से बीनी थी।
दुकानदार ने सब लेकर यूं गिनना शुरू कि जैसे कोई पैसे गिन रहा हो। सीपें गिनकर उसने बच्चे की तरफ देखा तो बच्चा बोला “कुछ कम है क्या ?”
दुकानदार ने जल्दी से कहा- “नहीं-नहीं! यह तो इस गुड़िया की कीमत से भी ज्यादा है। मैं बाक़ी पैसे वापस कर रहा हूं। यह कहकर उसने 3-4 सीपें रख ली और बाकी की बच्चे को वापस दे दी।
बच्चा बड़ी खुशी से वे सीपें जेब में रखकर बहन को साथ लेकर चला गया।
यह सब उस दुकान का नौकर देख रहा था। उसने आश्चर्य से पूछा- “मालिक इतनी महंगी गुड़िया आपने केवल 4 सीपों के बदले में दे दी।”
दुकानदार मुस्कुराते हुए बोला- “हमारे लिए यह केवल सीपें है पर उस छोटे से बच्चे के लिए बेहद मूल्यवान है। इस उम्र में वह नहीं जानता कि पैसे क्या होते हैं। जब वह बड़ा होगा तब उसे याद आएगा कि उसने सिक्कों के बदले बहन को गुड़िया खरीद कर दी थी। तब उसे मेरी याद जरूर आएगी और फिर वह सोचेगा कि इस दुनिया में अच्छे लोग रहते हैं। यही बात उसके अंदर सकारात्मक सोच बढ़ाने में मदद करेगी और उसे अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करेगी।”
रुपया पैसा ही जिंदगी में सब कुछ नहीं होता इंसानियत भी होती है। प्यार के आगे पैसे की कोई कीमत नहीं होती।
Published on:
02 Feb 2019 06:00 am

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