
CIP
आगरा। केंद्र सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के लिए आगरा के नाम की घोषण बेशक अब की गई हो, लेकिन उद्यान विभाग की ओर से शासन को सींगना का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। इसको लेकर सींगना में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम निरीक्षण भी कर चुकी है।
बता दें कि आलू किसानों को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए इंटरनेशनल सेंटर ऑफ पोटेटो (CIP) बढ़ चढ़कर काम कर रहा है। आलू की अच्छी किस्म के लिए सीआईपी दक्षिण अफ्रीका और वियतनाम समेत कई देशों में केंद्र खोल चुका है। यूपी में आलू का सर्वाधिक उत्पादन देखते हुए अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र यहां खोलने का निर्णय किया गया है। मालूम हो कि देश के कुल उत्पादन का 30 प्रतिशत आलू अकेले यूपी में पैदा होता है। अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के लिए केंद्र सरकार की ओर से आगरा का नाम तय कर दिया गया है।
उप निदेशक उद्यान विभाग कौशल कुमार नीरज के मुताबिक सींगना में उद्यान विभाग का पहले से ही राजकीय आलू केंद्र है। ये 138 हेक्टेयर जमीन पर बना हुआ है। यहां उच्च गुणवत्ता वाले आलू की खेती की जाती है व उसके बीज तैयार किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के लिए इस जगह को मुफीद मानते हुए विभाग की ओर शासन को सींगना का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद 24 नवंबर को विशेषज्ञों की टीम ने यहां का निरीक्षण किया और इस स्थान को लेकर सकारात्मक रिपोर्ट दी। यदि शासन की ओर से इस पर मोहर लगती है तो आने वाले समय में सींगना में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र बन सकता है।
आलू पैदा करने वाले किसानों को मिलेंगे ये फायदे
अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र बनने के बाद यूपी में प्रति हेक्टेयर आलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है। केंद्र के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यूपी में दुनियाभर के तमाम तरह के आलू की फसल तैयार की जा सकेगी जिसका आगरा समेत यूपी के तमाम किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। आलू की उत्पादकता बढ़ने से निर्यात भी बढ़ेगा। आलू की बीमारी का निस्तारण होगा। ऑफ सीजन में भी आलू की फसल तैयार की जा सकेगी।
Published on:
7 Dec 2019, 12:47 PM IST
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