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भारत बंद के दौरान हुए हमले को लेकर पत्रकार हुए एकजुट, उठाएंगे ये बड़ी मांग

भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा आपातकालीन बैठक बुलाई गई।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Apr 04, 2018

Journalist

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आगरा। । एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर भारत बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में सभी ने पत्रकारों पर हुए हमले की घोर निंदा की। बैठक में सर्व सहमति से समाज विशेष के अगले माह होने वाले विशाल आयोजन की कवरेज का बहिष्कार करने का फैसला पत्रकारों द्वारा लिया गया। इसके साथ ही पत्रकारों ने फैसला लिया कि जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर साथी घायल पत्रकारों और उनके कैमरा उपकरणों की शासन द्वारा क्षतिपूर्ति की मांग कर ज्ञापन देंगे।

ये है मामला
भारत बन्द की कवरेज के दौरान पत्रकार साथियों के साथ हुई अभद्रता के खिलाफ सभी पत्रकार एकजुट हो गए हैं। शहीद स्मारक पर विभिन्न संस्थानों में कार्यरत दो सौ से अधिक पत्रकार साथी में शामिल हुए। पत्रकारों का कहना था कि भले ही सरकारों द्वारा पत्रकारों की सुरक्षा की बातें यदा कदा सुनाई देती हों पर हकीकत में ऐसा नही हैं। लगातार पत्रकार साथियों पर हमले हो रहे हैं और सरकार और प्रशासन मौन है। देश का दर्पण माना जाने वाला चौथा स्तम्भ रोजाना चोटिल हो रहा है। हर जाति वर्ग और वर्ण के उत्थान के लिए प्रयासरत पत्रकारों को खुद को बचाना मुश्किल हो रहा है।वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर पवन सिंह ने कहा की आज मीडिया में साथियों की संख्या बढ़ी है यह अच्छी बात है पर अब सब को एक साथ जुड़कर रहने की जरूरत है और इस तरह चौथे स्तम्भ पर हमला करने वालो का सामना सब मिलकर ही कर सकते हैं।

भविष्य में न हों ऐसी घटना
वरिष्ठ पत्रकार अनुपम पांडे का कहना था कि हमारी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। आंदोलन का कोई नेतृत्व नहीं था पर जो लोग पीछे से उनका समर्थन कर रहे थे उन्हें अब चेतावनी देना जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। वरिष्ठ पत्रकार शिव चौहान ने कहा कि पत्रकारों पर हमले की सूचना के बाद कई साथी सिर्फ जानकारी लेने तक सीमित रहे। भविष्य में कभी किसी साथी के साथ कुछ अप्रिय होने की सूचना मिले तो सभी को सारे काम छोड़ कर तुरन्त उस साथी के पास पहुंचना चाहिए। शिव चौहान की इस बात का सभी ने समर्थन किया और भविष्य में साथ मिलकर दुर्घटना का सामना करने की बात कही।

एकजुटता की जरूरत
पत्रकार मधुकर चतुर्वेदी ने कहा कि आज पत्रकारों को एक लाबी में लाने की जरूरत है। कोई भी पत्र छोटा या बड़ा नहीं होता है, लगातार किसी बात का विरोध किसी भी समाचार पत्र द्वारा किया जाएगा तो आवाज लखनऊ के पंचम तल पर पहुंचेगी जरूर और उनकी कुर्सी भी हिल जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष अनूप जिंदल ने साथी पत्रकारों को एकजुट रखने के अपने प्रयास को आगे बढ़ाते हुए भविष्य में छायाकार साथियों के कैमरा और अन्य उपकरणों का निशुल्क बीमा संस्था के द्वारा कराए जाने का प्रयास करने की बात कही। संस्था के उपाध्यक्ष गौरव बंसल ने कहा कि पत्रकार के पास कोई हथियार नहीं होता है, उसकी कलम ही उसका हथियार है और वो इसी हथियार से लड़ सकता है। अतः इस बार समाज विशेष के कार्यक्रम का बहिष्कार किया जाएगा।

दिया जाएगा ज्ञापन
बैठक में हुए निर्णय के अनुसार आज पत्रकार जिलाधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों के ऊपर हुए हमले के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और क्षतिपूर्ति के लिए शासन से मुआवजे की मांग की जाएगी। बैठक में पंकज गुप्ता, शिव चोहान, शोबित चतुर्वेदी, मानवेन्द्र मल्होत्रा, अनिल दीक्षित, पीपी सिंह, वीपी शर्मा, नितिन उपाध्याय, संजय सिंह, सुधीर शर्मा, अविनाश जैसवाल, मनीष गुप्ता, मनोज चाहर, एसपी सिंह, कपिल अग्रवाल, राजकुमार मीना, राजकुमार तिवारी, फरहान, आरती शुक्ला, कोमल सलोनी पाण्डेय, ममता उपाध्याय, संगम चौहान, रमाकांत, अजय यादव, कलीम खान, पवन शर्मा, अरुण श्रीवास्तव, आचार्य शिशु पाल, असलम सलामी, आदित्य, अजीम भर्ती, कौशल शर्मा आदि पत्रकार मौजूद रहे।