
kailash fair
आगरा। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव मंदिर पर मेले का आयोजन होता है। वैसे तो हमारे देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला है। कैलाश मेला हर साल बड़ी धूमधाम से आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में यमुना के किनारे स्थित कैलाश मंदिर पर लगता है। इस मेले का शुभारम्भ रविवार यानि आज होगा।
इस सोमवार होता बड़ा आयोजन
वैसे तो साल के हर सोमवार को आगरा के कैलाश मंदिर पर भक्तों का जमावड़ा लगता है, लेकिन सावन महीने में कैलाश मंदिर का मनमोहक नजारा होता है। हर तरफ भक्ति की बयार बही होती है और भगवान् शिव के भक्त दूर दराज के क्षेत्रों से दर्शन करने के लिए आते हैं। ऐसी मान्यता है कि आगरा के कैलाश मंदिर पर मांगी गयी हर मनौती भगवान शिव पूर्ण करते हैं।कैलाश मेले के दिन आगरा के स्थानीय प्रशासन द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है और इस दिन आगरा के सभी स्कूल-कॉलेज, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में छुट्टी होती है। मेले के अवसर पर जो बड़ी भीड़ इकट्ठा होती है, उनकी भक्ति और खुशी देखने लायक होती है। इस दिन कैलाश मंदिर के कई-कई किलोमीटर दूर तक खेल-खिलौनों, खाने-पीने सहित अनेकों दुकानों की स्थापना की जाती है।
होता है यमुना स्नान
इस दिन यमुना किनारे कैलाश मंदिर पर हजारों कांवड़िये दूर-दूर से कांवड़ लाकर भगवान् शिव की भक्ति से ओत-प्रोत होकर बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए कांवड़ चढ़ाते हैं। वैसे तो सावन के हर सोमवार को आगरा के सभी शिव मंदिरों में कांवड़ चढ़ाई जाती हैं लेकिन सावन के तीसरे सोमवार को कैलाश मंदिर पर कांवड़ चढाने का अपना अलग ही महत्व है। इस दिन कैलाश मंदिर के किनारे से गुजरने वाली यमुना में स्नान करना भी काफी शुभ माना जाता है, इसलिए भक्त मंदिर में शिवलिंगों के दर्शन करने से पहले यमुना में जरूर स्नान करते हैं।
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Published on:
04 Aug 2019 11:35 am
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