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कुंडली में कालसर्प योग बहुत घातक होता है, सावन में ऐसे करें इसे दूर

काल सर्प योग एक अतयंत संकट जनक, कलक कारक अनिष्टकारी, कष्टकर और दुखदायी योग है। 

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Abhishek Saxena

Jul 21, 2017

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आगरा। शिव समस्त विपदाओं को हरते हैं। जीवन में कालसर्प दोष है, तो सावन का ये महीना काल सर्प दोष से मुक्ति दिलाने वाला है।

काल सर्प योग
ज्योतिषाचार्य डॉ.अरविंद मिश्र ने कापसर्प योग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहु और केतु को इस नम मंडल के दो बिंदुओं की संज्ञा दी गई है। दूसरे शब्दों में राहु और केतु की धुरी पर ही संपूर्ण नभ मंडल भ्रमण कर रहा है। इन्हें छाया ग्रह भी कहा जाता है। यदि जन्मांग जन्म कुंडली में राहु और केतु को​ बिंदु मानकर राहु से केतु तक या फिर केतु से राहु तक एक सीधी रेखा खींचने से सारे सात ग्रह, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि इस रेखा के किसी भी एक ओर आ जाएं, तो इस ग्रह क स्थिति को काल सर्प योग माना गया है।

इसके प्रकार
काल सर्प योग प्रमुख रूप से 12 प्रकार का होता है।
अंनत कालसर्प, कुलिक काल सर्प योग, वासुकि काल सर्प योग, शंखपाल काल सर्प योग, षद्म काल सर्प योग, महापद्म काल सर्प योग, घातक काल सर्प योग, विषधर काल सर्प, शंखचूड़ काल सर्पयोग और शेषनाग काल सर्पयोग।

दुखदायी योग
काल सर्प योग जन्म कुंडल के भाव के अनुसार 12 और लग्न के अनुसार 12 अर्थात 12,12 144 अदित गोलाई के भेद अनुसार और 144 अनुरित गोलाई के भेद के अनुसर 288 प्रकार के काल सर्प योग होते हैं। परिवर्तन अर्थात काल चक्र की गति के अनुसार उत्थान पतन या फिर उतार चढ़ाव की प्रकृति का नियम है। यद्पि वर्तमान में प्र​चलित मान्यता यह है कि काल सर्प योग एक अतयंत संकट जनक, कलक कारक अनिष्टकारी, कष्टकर और दुखदायी योग है।

हर क्षेत्र को प्रभावित करता है कालसर्प दोष
काल सर्प येाग हमारे जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करता है। संतान पक्ष को भी ये प्रभावित करता है। बारह प्रकार के काल सर्प योग में पद्म नामक काल सर्प योग जन्मकुंडली के पंचम भाव से संबंधित है। संतान, शिक्षा पूर्व जन्म के कर्म आदि का भाव है। इस योग के कारण संतान सुख में रुकावट आती है। शिक्षा में बाधा आती है। निरंतर चिंता और परेशानी के कारण जातक जीवन संघर्षमय बना रहा है। सर्पों को भगवान शिव का अतिप्रिय माना गया है। शिव को सर्प और श्रावण मास अति ​प्रिय है। सावन मास में नाग पंचमी कालसर्प योग के निवारण के लिए विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।

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