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हर साल श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को Kamika Ekadashi कहते हैं। शास्त्रों में इसे भगवान विष्णु का श्रेष्ठतम व्रतों में से एक माना गया है। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति भगवान विष्णु के इस व्रत को रखता है और सच्चे दिल से जो कामना करता है वो जरूर पूरी होती है। इस बार कामिका एकादशी 7 अगस्त 2018 को है। लेकिन तिथि 7 अगस्त को सुबह 07:52 बजे से प्रारंभ होकर 8 अगस्त को 05:15 बजे समाप्त होगी। चूंकि हिंदू पंचांग में कोई भी त्योहार उदया तिथि से प्रारंभ होता है, इसलिए गृहस्थ लोग इसका व्रत व पूजन 8 अगस्त को करें।
शंख, चक्र एवं गदाधारी विष्णु भगवान का होता पूजन
मान्यता है कि एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से श्रावण कृष्ण एकादशी का नाम और महत्व के बारे में पूछा, तब भगवान श्रीकृष्ण ने इसका वर्णन करते हुए बताया कि श्रावण मास की कृष्ण एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। इस तिथि पर शंख, चक्र एवं गदाधारी श्रीविष्णुजी का पूजन होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा से गंगा, काशी, नैमिशारण्य और पुष्कर में स्नान करने का फल प्राप्त होता है।
कामिका व्रत करता पापों का नाश
श्रीकृष्ण भगवान बताते हैं कि एकादशी व्रत से बढ़कर पापों का नाश करने वाला कोई अन्य उपाय नहीं है। कामिका व्रत से कोई भी जीव कुयोनि में जन्म नहीं लेता। सावन में जो भक्त भगवान विष्णु की पूजा से सभी देवी देवताओं, नागों और गंधर्भों की पूजा हो जाती है। इस एकादशी पर श्रद्धा-भक्ति से भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अर्पित करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं।
ऐसे करें पूजन
स्नानादि के बाद पूजा शुरू करने से पहले हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें फिर पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान विष्णु को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत आदि अर्पित करें। इसके बाद कामिका एकादशी की व्रत कथा पढें, प्रसाद चढ़ाएं। इस दिन निर्जल व्रत रहने का काफी महत्व है, यदि किसी तरह की परेशानी के कारण नहीं रह पा रहे हैं तो फलाहार ले सकते हैं। शाम को ब्राह्मण को भोजन कराएं और दान करें। इसके बाद ही स्वयं भोजन करें।
Published on:
07 Aug 2018 07:15 am
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