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दिव्य की रिहाई, पुलिस ने अपनी इज्जत बचाई

दिव्य की रिहाई से आगरा पुलिस ने अपनी इज्जत  बचा ली है। मदिया कटरा निवासी कागज कारोबारी प्रतीक वार्ष्णेय के पुत्र दिव्य के अपहरण के बाद हर कोई पुलिस को कोस रहा था।

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Bhanu Pratap Singh

Mar 17, 2016

divy varshney

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आगरा, मदिया कटरा जैसे पॉश इलाके से पेपर व्यापारी प्रतीक वार्ष्णेय के पुत्र दिव्य वार्ष्णेय का सरेशाम अपहरण कर लिया जाता है। अपहरणकर्ता पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाते हैं। इससे अधिक शर्मनाक आगरा पुलिस के लिए क्या हो सकता था, लेकिन दिव्य की रिहाई से आगरा पुलिस ने अपनी इज्जत बचा ली है।

जमकर हुई थी पुलिस की किरकिरी
13 मार्च रविवार की शाम सात बजे फर्म हिन्दुस्तानी पेपर डिस्ट्रीब्यूटर के मालिक प्रतीक के बेटे दिव्य का अपहरण मदिया कटरा स्थित उनकी कोठी से हुआ था। इस घटना के बाद आगरावालों में दहशत फैल गई थी। साथ ही पुलिस की जमकर किरकिरी शुरू हो गई थी। हर कोई आगरा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को कोसने में लगा हुआ था। राजनीतिक संगठनों में भी इस कांड के बाद हलचल शुरू हो गई। मामले ने इतना तूल पकड लिया कि मामले का खुलासा करना पुलिस के लिए इज्जत का सवाल बन गया था।

सपाइयों ने की थी मुख्यमंत्री से बात
हालांकि पुलिस पहले दिन से ही दिव्य के अपहरण को चुनौती मानकर चल रही थी। इस मामले में सपा नेता रामजीलाल सुमन, शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन ने मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद से बातचीत की। डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए। 15 मार्च को समाजवादी विकास दिवस पर आगरा आए आगरा के प्रभारी मंत्री पारसनाथ यादव ने भी कहा था कि दिव्य को मुक्त करा लिया जाएगा।

टीमवर्क का अच्छा परिणाम मिला
पुलिस ने विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की आठ टीमें बनाई थीं। पुलिस की टीमें अलग से काम कर रही थीं। इस कारण बदमाशों पर पुलिस का पूरा दबाव बना हुआ था। इसका अच्छा परिणाम मिला। दिव्य सकुशल रिहा हो गया।

तस्वीरः दिव्य का फाइल फोटो

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