2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BJP से राजनीति की शुरुआत करने वाली महिला को मिली Congress की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी, जानिए इनके बारे में…

आगरा में बेजान हो चुकी पार्टी में अब मनोज दीक्षित को जान फूंकने के लिए तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

suchita mishra

Oct 16, 2019

साभार: फेसबुक

साभार: फेसबुक

आगरा। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कांग्रेस की नई टीम आने के बाद जिलास्तर पर भी बदलाव शुरू हो चुके हैं। हाल ही इस कड़ी में कांग्रेस की ओर से 51 जिलाध्यक्षों (District Presidents) की सूची जारी की गई है। आगरा जिले में कांग्रेस (Congress) की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी मनोज दीक्षित को दी गई है। फतेहपुर सीकरी में राजबब्बर की करारी हार के बाद जिले में बेजान हो चुकी पार्टी में अब मनोज दीक्षित को दोबारा जान फूंकने के लिए तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। जानते हैं कांग्रेस की नई जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित के बारे में अहम बातें।

यह भी पढ़ें: भाजपा जिलाध्यक्ष पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियां

भाजपा से की थी राजनीति की शुरुआत
मनोज दीक्षित (Manoj Dixit) ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की थी। इसके बाद वे कुछ समय बसपा का हिस्सा रहीं। फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया। मनोज बाह के नहटौली गांव की रहने वाली हैं। वे राजस्थान में प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव के तौर पर काम कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि जिलाध्यक्ष का पद, राजस्थान में उनके द्वारा किए गए काम का इनाम है।

यह भी पढ़ें:शहर के नामी डॉक्टर पर एसएसपी ने घोषित किया दस हजार का इनाम, जानिए क्या है मामला!

तमाम चुनौतियों से निपटना होगा
आगरा में कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने के लिए मनोज दीक्षित को तमाम चुनौतियों से निपटना होगा। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव, फिर नगर निकाय चुनाव में हारने के बाद जिले में कांग्रेस की हालत खस्ताहाल हो गई थी। लोकसभा चुनाव 2019 में राज बब्बर से एक उम्मीद जागी थी। लेकिन राज बब्बर को भी करारी हार मिलने के बाद पार्टी की हालत और ज्यादा खराब हो गई। ऐसे में अब मनोज दीक्षित को आगरा में बूथ स्तर, ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन के ढांचे को फिर से मजबूत करना होगा। इसके लिए पुराने कांग्रेसियों के अलावा तमाम युवाओं को पार्टी से जोड़ना होगा।

Story Loader