
साभार: फेसबुक
आगरा। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कांग्रेस की नई टीम आने के बाद जिलास्तर पर भी बदलाव शुरू हो चुके हैं। हाल ही इस कड़ी में कांग्रेस की ओर से 51 जिलाध्यक्षों (District Presidents) की सूची जारी की गई है। आगरा जिले में कांग्रेस (Congress) की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी मनोज दीक्षित को दी गई है। फतेहपुर सीकरी में राजबब्बर की करारी हार के बाद जिले में बेजान हो चुकी पार्टी में अब मनोज दीक्षित को दोबारा जान फूंकने के लिए तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। जानते हैं कांग्रेस की नई जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित के बारे में अहम बातें।
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भाजपा से की थी राजनीति की शुरुआत
मनोज दीक्षित (Manoj Dixit) ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की थी। इसके बाद वे कुछ समय बसपा का हिस्सा रहीं। फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया। मनोज बाह के नहटौली गांव की रहने वाली हैं। वे राजस्थान में प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव के तौर पर काम कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि जिलाध्यक्ष का पद, राजस्थान में उनके द्वारा किए गए काम का इनाम है।
तमाम चुनौतियों से निपटना होगा
आगरा में कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने के लिए मनोज दीक्षित को तमाम चुनौतियों से निपटना होगा। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव, फिर नगर निकाय चुनाव में हारने के बाद जिले में कांग्रेस की हालत खस्ताहाल हो गई थी। लोकसभा चुनाव 2019 में राज बब्बर से एक उम्मीद जागी थी। लेकिन राज बब्बर को भी करारी हार मिलने के बाद पार्टी की हालत और ज्यादा खराब हो गई। ऐसे में अब मनोज दीक्षित को आगरा में बूथ स्तर, ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन के ढांचे को फिर से मजबूत करना होगा। इसके लिए पुराने कांग्रेसियों के अलावा तमाम युवाओं को पार्टी से जोड़ना होगा।
Published on:
16 Oct 2019 11:34 am

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