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कहते हैं कि यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो तो व्यक्ति को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शारीरिक और मानसिक रूप से तनाव झेलना पड़ता है। यदि व्यक्ति सभी ग्रहों को प्रसन्न करने के बजाय सिर्फ एक सूर्य को ही प्रसन्न कर ले, तो उसका भाग्योदय होकर काफी परेशानियों को दूर किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र से जानते हैं सूर्य देव को प्रसन्न करने के तरीके।
सूर्य को जल अर्पित करें
प्रतिदिन तांबे के कलश में रोली, अक्षत व मिश्री के दाने डालकर सूर्य देवता को जल अर्पित करें। जल देते समय जल की धारा में भगवान सूर्य को देखें। और जल की छीटें पैरों पर न पड़ने दें। इससे आपकी कुंडली का सूर्य प्रबल होता है, और तमाम कष्ट कट जाते हैं। जल देने के बाद सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: या सूर्य गायत्री मंत्र ऊँ आदित्याय विद्म्हे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात का 11 बार जाप करें।
आदित्य हृदय स्तोत्र से मिलते चमत्कारिक परिणाम
नौकरी, पदोन्नति, बीमारियों व अन्य परेशानियों से निजात के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र रामबाण सिद्ध होता है। प्रत्येक रविवार को सुबह जल्दी स्नान करके सूर्य देवता की रोली, अक्षत, मिश्री, कनेर का या कोई अन्य फूल चढ़ाकर व धूप जलाकर आराधना करें। उसके बाद आसन पर बैठकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। इससे व्यक्ति आत्मविश्वासी बनता है, प्रभावशाली बनता है। साथ ही उसके सभी कष्ट दूर होते हैं।
Published on:
12 Dec 2018 07:00 am

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