Lord Krishna statue in Radha Damodar Temple Vrindavan
आगरा। हर बार के की तरह इस बार भी Krishna Janmashtami 14 अगस्त और 15 अगस्त यानी दो दिन मनाए जाने की बात हो रही है। लेकिन इस बारे में ज्योतिषाचार्य डॉ. अरबिंद मिश्र का कहना है कि इस त्योहार को सभी लोग सिर्फ 15 अगस्त को ही मनाएं। जानें क्यों?
दो दिन Krishna Janmashtami बताने वाले विद्वानों का कहना है कि शास्त्रों के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को Rohini Nakshatra में मध्यरात्रि के समय हुआ था। 14 अगस्त को 19:45 बजे अष्टमी तिथि शुरू होगी और 15 अगस्त को 17:39 बजे तक ही रहेगी। इसलिए दोनों दिनों में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा सकता है।
वहीं ज्योतिषाचार्य डॉ. अरबिंद मिश्र का कहना है कि शास्त्रों के अनुसार उदया तिथि से हिंदुओं के त्योहार और कोई भी तिथि निर्धारित की जाती है। पहले सिर्फ उदया तिथि को ध्यान में रखकर त्योहार निर्धारित होते थे तो हर त्योहार एक ही होता था, लेकिन अब अलग—अलग मान्यताओं के साथ कई तरह के पंचांग बन गए हैं जिससे हर त्योहार दो बार होने लगा है जो कि सही नहीं है। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि 15 अगस्त वाली जन्माष्टमी उदया तिथि में है इसलिए जन्माष्टमी का त्योहार 15 अगस्त को ही मनाना शास्त्र संवत है।