
आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी का रिजल्ट इस बार चौंकाने वाला रहा है। इस बार 60 फीसद से अधिक छात्र फेल हुए हैं। इसे लेकर छात्र परेशान हैं। ये असर कहा जाए, नए कुलपति द्वारा की गई सख्ती का या फिर आरोप तो ये भी लग रहे हैं, कि मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है। फेल छात्रों के सामने बड़ी समस्या ये भी है कि अगले सत्र में प्रवेश के लिए उन्हें फॉर्म भी भरने हैं, लेकिन उन्हें मालूम ही नहीं है, कि वे फेल हैं या पास, क्योंकि बड़ी संख्या में यूनीवर्सिटी द्वारा छात्रों का रिजल्ट रोका भी गया है।
ये है मामला
आगरा यूनिवर्सिअी के सत्र 2017 18 की मुख्य परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। ऐसे में एक विषय में फेल छात्रों को रीएग्जाम के फार्म भरने का अवसर दिया है, लेकिन यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की लापरवाही के चलते 400 कॉलेजों के छात्र रीएग्जाम भरने से वंचित रह सकते हैं। विवि रीएग्जाम इस बार जल्दी करना चाहता है। फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 जुलाई है। अभी तक सैकड़ों छात्र रीएग्जाम का फार्म भर चुके हैं। मगर 388 कॉलेज ऐसे हैं, जिनके छात्रों को अभी तक पता नहीं है, कि वे फेल हैं या पास। क्योंकि अभी तक इनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया है। 388 में से 276 कॉलेज ऐसे हैं, जिनकी परीक्षा फीस जमा न होने के चलते इनका परीक्षा परिणाम रोका गया है। इसके अलावा 112 कॉलेज ऐसे हैं जिनका परिणाम विवि ने नकल में संलिप्त होने यूएफएम में रोक रखा है।
25 जुलाई अंतिम तिथि
परिणाम घोषित होने के एक महीने से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी विवि इन कॉलेजों पर निर्णय नहीं ले सका है। ऐसे में इन कॉलेजों के छात्र भी पास और फेल के चक्कर में फंसे हुए हैं। अगर इन कॉलेजों के छात्र फेल होते हैं, तो रिजल्ट घोषित होने पर उनके पास 25 जुलाई तक ही रीएग्जाम के फॉर्म भरने का अवसर है। परिणाम में देरी होने पर सैकड़ों छात्र रीएग्जाम से भी वंचित रह सकते हैं। इस संबंध में पीआरओ का कहना है कि ऐसे मामलों में छात्र हित में फैसला लिया जाएगा।
Published on:
23 Jul 2018 02:30 pm
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