
आगरा। अदालत ने बेटी-पिता के रिश्ते को शर्मसार करने वाले दरिंदे को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए उसकी मां ने 17 महीने संघर्ष किया। आज मां के संघर्ष ने दरिंदे पिता को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
क्या है मामला
आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र की एक महिला की 13 साल पहले नारखी क्षेत्र में हुई थी। पति से झगड़े के बाद 2018 में वह चार बच्चों में से तीन को लेकर अपने मायके आ गई। इस दौरान एक दस वर्ष की बेटी पिता के साथ रह रही थी। पिता ने मार्च 2018 में इस मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया। जब मासूम ने विरोध किया तो उसका प्राईवेट पार्ट जला दिया था। इसके बाद मासूम को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन किसी ने भी मासूम की मां या पुलिस को इस बाबत जानकारी नहीं दी। दो महीने बाद दो जुलाई 2018 को मां जब बेटी से मिलने के लिए गई तब उसे इस घृणित घटना का पता चला।
मां ने ठान लिया कि बेटी को इंसाफ दिलाकर रहेगी। उसने जुलाई 2018 में ही आगरा के महिला थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। स्पेशल जज (पोक्सो एक्ट) वीके जायसवाल की कोर्ट में मुकदमा चला। अब इस मामले में आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा हुई है और 2.85 लाख का जुर्माना किया है। इसमें से 50 फीसदी धनराशि पीड़ित बच्ची को दी जाएगी।
Published on:
28 Nov 2019 04:11 pm
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