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लोकसभा चुनाव 2019: राज बब्बर को बड़ा झटका, राजस्थान के इस कद्दावर नेता का नहीं मिलेगा फायदा, जनता ने किया बड़ा खुलासा

भरतपुर की विरासत का है इस गांव से गेहरा नाता, लेकिन राज बब्बर को मिलेगी फिर भी निराशा।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Apr 05, 2019

Raj Babbar

Raj Babbar

आगरा। लोकसभा चुनाव 2019 के रण में फतेहपुर सीकरी से चुनाव मैदान में उतरे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर का बड़ा प्लान फेल होता नजर आ रहा है। दरअसल राज बब्बर ने जाटों को रिझाने के लिये भरतपुर रियासत के महाराजा और राजस्थान में कांग्रेस सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह से साथ मांगा है। विश्वेन्द्र सिंह फतेहपुर सीकरी में राज बब्बर के कार्यालय उद्घाटन के दौरान भी आये। उम्मीद थी, कि उनकी रियासत के लोग, जो इस समय फतेहपुर सीकरी के गांवों में निवास कर रहे हैं, वो पूरा साथ देंगे, लेकिन इन लोगों का कहना है कि वे महाराजा साहब का सम्मान करते हैं, लेकिन राजनीति में उनका साथ नहीं देंगे।

ये है वो गांव
फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र का गांव दुल्हार का रिश्ता भरतपुर रियासत से है। बताया जाता है कि यहां के जाटों के पूर्वज भतरपुर रियासत से आकर यहां बस गये थे। इतना ही नहीं, करीब 250 वर्षों से भरतपुर रियासत का यहां के लोगों को पूरा सहयोग भी मिल रहा है। गांव के लोगों द्वारा आज भी यदि महाराजा विश्वेन्द्र सिंह को कोई निमंत्रण दिया जाता है, तो वे इसे स्वीकर करते हैं और निमंत्रण पर जरूर आते हैं। बस इसी बात का फायदा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर उठाना चाहते हैं।

ये बोल गांव के लोग
दुल्हार गांव में पहुंची पत्रिका टीम ने जब यहां के लोगों से बात की, तो उन्होंने बताया कि वे महाराजा विश्वेन्द्र सिंह के गोत्र के ही हैं और उनकी रियासत से निकलकर यहां बस गये थे। यहां के रहने वाले अभिषेक फौजदार ने बताया कि महाराजा विश्वेन्द्र सिंह का पूरा सम्मान करते हैं। उनके यहां हर कार्यक्रम में महाराज साहब आते भी हैं, लेकिन राजनैतिक रूप से गांव के लोगों की सोच कुछ और ही है। यदि महाराजा साहब कहें, कि कांग्रेस को वोट देना है, तो वहीं नहीं देंगे। गांव के ही लक्ष्मण दास ने बताया कि महाराजा विश्वेन्द्र सिंह का पूरा सम्मान है। हर लड़ाई में उनके साथ हैं, लेकिन राजनैतिक लड़ाई में नहीं।