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मंगल, राहू और शनि के समीकरण से बढीं दुर्घटनाएं और मृत्यु, 30 नवंबर तक चलेगा हादसों का सि​लसिला, बचने के लिए करें ये उपाय

ब्रज में दो नवंबर को 22 लोगों की दुर्घटना में मौत, तीन नवंबर को बच्चों से भरी बस पलटी, ज्योतिषाचार्य का कहना ग्रहों की दशा के कारण बढ़ी दुर्घटना

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आगरा

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suchita mishra

Nov 03, 2017

Agra Accident News

Agra Accident News

आगरा। ब्रज क्षेत्र में दो नवंबर का दिन हादसों का दिन साबित हुआ। एक ही दिन में अकेले ब्रज क्षेत्र में 22 लोगों की जान चली गई। वहीं तीन नवंबर को स्कूल से भरी बच्चों की बस यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) पर पलट गई। बस में 65 बच्चे सवार थे, जिसमें से एक की मौत हो गई, और बाकी बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों को आगरा के एस एन मेडिकल कॉलेज, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन घटनाओं को लेकर जब हमने आगरा के ज्योतिषाचार्य डॉ. अरबिंद मिश्र से ग्रहों के संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि मंगल, शनि और राहू के समीकरण से फिलहाल दुर्घटनाओं और मौत के मामले बढ़े हैं। आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य से इस विषय में विस्तार से—

समझें दुर्घटनाओं का योग
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि दुर्घटनाओं का गणित समझने के लिए हमें अपने देश की कुंडली पर नजर डालनी होगी। देश की गोचर कुंडली में 26 अक्टूबर से शनि लग्न कुंडली की धनु राशि पर यानी अष्टम भाव में आ गया है। अष्टम भाव मृत्यु का भाव होता है। मंगल कन्या राशि पर है यानी लग्न कुंडली के पंचम भाव में है। राहू कर्क पर है यानी लग्न कुंडली के तीसरे भाव पर है। इस स्थिति में मंगल और राहू दोनों ही शनि को देख रहे हैं और शनि इन्हें देख रहा है। वहीं सूर्य गोचर कुंडली में तुला राशि पर हैं, यानी लग्न राशि के छठवें भाव में हैं। तुला में होने के कारण सूर्य नीच का है। इस तरह शनि, राहू और मंगल का समीकरण व सूर्य का नीच राशि में होने से दुर्घटनाएं व मृत्यु के मामले तेजी से बढ़े हैं।

Shani तोड़ेगा हड्डी और Mangal निकालेगा खून
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि शनि लोहे के स्वामी माना जाता है। इस कारण वाहन का प्रयोग करने वालों को सावधानी बरतनी होगी। शनि की इस स्थिति से हड्डी टूटने या इस तरह की अन्य समस्याएं सामने आएंगी, वहीं मंगल खून निकालता है। इसके अलावा सूर्य का नीच राशि में होना और राहू का कर्क में होना इन दुर्घटनाओं को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।

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30 नवंबर से आएगी कमी

ज्योतिषाचार्य का कहना है कि 30 नवंबर से इन मामलों में कुछ कमी आ सकती है क्योंकि मंगल कन्या राशि से हटकर तुला में प्रवेश करेगा। हालांकि बहुत ज्यादा फर्क तो नहीं, लेकिन दुर्घटनाओं के मामले में राहत जरूर मिलेगी।

ये उपाय करें
ग्रहों के इस मेल से बचने के लिए हनुमान बाबा की आराधना करें। श्वान की सेवा करें। सूर्य को जल दें और सूर्य गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) का जाप करें। बेहतर है कि सूर्य गायत्री मंत्र से हवन करें।

ये है मंत्र- ॐ भास्कराय विद्महे, महातेजाय धीमहि तन्नो सूर्य:प्रचोदयात्