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मायावती को बड़ा झटका: बसपा छोड़ इस नेता ने थामा अखिलेश यादव का हाथ

लखनऊ में सपा पार्टी कार्यालय पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई

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आगरा

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Dhirendra yadav

Oct 26, 2017

madhusudan sharma

madhusudan sharma

आगरा। बसपा सुप्रीमो मायावती को एक और बड़ा झटका लगा है। बसपा के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा ने सपा का दामन थाम लिया। लखनऊ में सपा पार्टी कार्यालय पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने मधुसूदन शर्मा को पार्टी की सदस्यता दिला कर उनके सपा में शामिल होने की औपचारिकता पूरी कर दी। आगरा के बसपाईयों को निकाय चुनाव से पहले ये परेशान कर देने वाली खबर है।

पहले ही हो गया था तय
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान ही वैसे तो तय हो गया था, कि मधुसूदन शर्मा का सपा में जाना तय हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सपा के महा अधिवेशन में शामिल होने आगरा आए थे तब अपने कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा से मिलने उनके घर भी पहुंचे थे, जिससे यह साफ हो गया था कि पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा जल्द ही सपा में शामिल हो सकते हैं। पत्रिका टीम ने उस दौरान उनसे बात की, तो उन्होंने साफ भी कर दिया था, कि लखनऊ में वे सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

सपाई खुश, बसपा में मायूसी
गुरुवार को लखनऊ में सपा कार्यालय पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह औपचारिकता भी पूरी हो गई। पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा ने सपा की सदस्यता ली। इस दौरान अखिलेश यादव ने अपने पार्टी के चुनाव चिन्ह के प्रतीक रूप में साइकिल भेंट कर कर उन्हें सपा की सदस्यता दिलाई और सपा पार्टी में भावी राजनीति के लिए शुभकामनाएं दी। जब ये खबर आगरा में आई, तो समाजवादी पार्टी नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव ने कहा कि पार्टी में उनका स्वागत है।

ये रहा है इतिहास
पंडित मधुसूदन शर्मा बसपा के लिए ब्राह्मणों के बीच बड़ा चेहरा थे। जिस सीट से वे चुनाव जीते थे, उस सीट पर भदावर घराने का राज था। साल 2007 में विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें बाह विधानसभा सीट पर उतारा था। तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी अरिदमन सिंह को वे इस सीट से धूल चटाने में सफल रहे। मधुसूदन शर्मा इसके बाद चुनाव लड़े। 2012 के चुनाव में वे दूसरे स्थान पर रहे थे। वहीं इस बार भी वे चुनाव लड़े थे। लेकिन, भाजपा की आंधी में सीट नहीं निकाल सके थे। पार्टी में अलग थलग से हो गए मधुसूदन शर्मा के लिए उनके समर्थकों ने बसपा छोड़ने के लिए समर्थन दिया। तो उन्होंने सही समय देखकर बसपा को बाय बाय कह दिया।