
Milk supply stop
आगरा। दूधियों की हड़ताल के चलते दूध की किल्लत का असर शहर में दिखाई देने लगा है। दूधिया डेयरी संचालकों द्वारा दूध के रेट कम करने से नाराज हैं। हड़ताल के कारण आगरा शहर के कई इलाकों में दूध की सप्लाई नहीं हो सकी। परेशान लोग महंगा दूध खरीदने को विवश हो गए हैं। यदि एक दो दिन ये हड़ताल और चलती है, तो समस्या गंभीर हो जाएगी।
सड़क पर बहा दूध
दूधियों ने हड़ताल के साथ ही विरोध शुरू कर दिया। जो दूधिया कहीं से दूध ले भी आए, तो उसे पकड़कर उसका दूध सड़क पर फैला दिया जाता है। एत्मादपुर, फतेहपुर सीकरी और शमसाबाद समेत कई क्षेत्रों में ऐसा हुआ। बरहन के जमाल नगर भैंस के समीप चमरौला में दूधियों ने 235 लीटर दूध फैला दिया। इस कारण आगरा शहर में रामबाग, ट्रांस यमुना क्षेत्र, बल्केश्वर, जयपुर हाउस समेत कई इलाकों में दूध की किल्लत से कई सैकड़ा घरों में परेशानी हुई। वहीं मिढ़कुर की तरफ भी दूध फैला दिया गया, जिससे शाहगंज क्षेत्र में दूध के लिए लोग परेशान रहे।
इसलिए जारी है हड़ताल
हड़ताली दूधियों ने बताया कि वे पशु पालकों से 32 से 34 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीद कर डेयरी संचालकों को 38 रुपये में देते थे। पिछले एक सप्ताह से डेयरी संचालक 21 रुपये की दर से दूध मांग रहे थे, जबकि पशु पालक तीस रुपये से कम में दूध देने को तैयार नहीं हैं। घाटे में कारोबार करने से बेहतर है कि वे हड़ताल पर रहें। एत्मादपुर में हड़ताली दूधियों ने बैठक कर एकता का प्रदर्शन किया, तो वहीं ताजगंज क्षेत्र में भी दूधिये हड़ताल पर रहे।
रोजाना 30 लाख लीटर दूध का उत्पादन
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजय सिन्हा ने बताया कि जिले में गाय-भैंसों की संख्या करीब दस लाख है। इन दिनों करीब छह लाख पशु दुधारू हैं, जिनसे रोजाना करीब 30 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसके बाद भी दूध की डिमांड पूरी नहीं होती है, तो ब्रांडेट कंपनियों के दूध का भी लोगों को सहारा लेना पड़ता है।
Published on:
16 Dec 2017 01:52 pm
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