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एसिड अटैक फाइटर्स से मिलीं मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन, बढ़ाया हौसला

हेप्टा-एथलीट रह चुकी हैं डी एन रोजर्स, शीरोज से मिल हुईं भावुक,बोलीं दिक्कतों से न डरें, बस आगे बढ़ती रहें शीरोज’

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आगरा

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Abhishek Saxena

Oct 30, 2018

मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन

एसिड अटैक फाइटर्स से मिलीं मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन, बढ़ाया हौसला

आगरा। मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन डीएन रोजर्स मंगलवार को आगरा पहुंचीं। ताज व्यू चौराहे पर स्थित शीरोज हैंगआउट में एसिड अटैक फाइटर्स से मिलने पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने ताजमहल का दीदार भी किया। डीएन रोजर्स का यह दौरा शीरोज हैंगआउट और मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन की संयुक्त कार्यक्रम का हिस्सा है। हर वर्ष मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन की विजेता एसिड अटैक फाइटर्स से मिलने हफ्ते भर के भारत दौरे पर आती हैं।

कैफै संचालन करने वाली फाइटर्स से मुलाकात
डीएन रोजर्स मंगलवार दोपहर को कैफे शीरोज हैंगआउट पहुंची। उन्होंने यहां कैफे का संचालन करने वाली एसिड अटैक फाइटर्स से मुलाकात की। उन्होंने सभी सर्वाइवर्स की कहानी सुनी और कैफे के बारे में जानकारी देने वाली डाॅक्यूमेंट्री देखी। डीएन रोजर्स सर्वाइवर्स से मिलकर भावुक हो गईं और उन्होंने सभी लड़कियों के हौसलों की तारीफ की। वहीं, लड़कियों ने भी उनकी कहानी सुनी और डीएन रोजर्स से सीख लेने का प्रण लिया।

यह है डीएन रोजर्स की कहानी
गौरतलब है कि डीएन रोजर्स ने बर्मिंघम विवि से कानून की पढ़ाई की है। बता दें कि डी एन रोजर्स एक हेप्टा एथलीट भी हैं। उन्होंने 2010 में दिल्ली काॅमनवेल्थ और 2014 में ग्लासगो काॅमनवेल्थ में भी प्रतिभाग किया था। 2014 ग्लासगो काॅमनवेल्थ बतौर खिलाड़ी उनकी आखिरी प्रतियोगिता थी। इस दौरान भाला फेंकते हुए उनके घुटने में गंभीर चोट आ गई थी। इसी इंजरी की वजह से उनका ब्रिटेन को ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करने का बचपन का सपना टूट गया। उन्होंने फिर अपने करियर के तौर पर फैशन इंडस्ट्री को चुना और वह 2018 की मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन चुनीं गईं। उन्होंने आगे बताया कि जब उन्हें मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन चुना गया तो उन्हें उस वक्त ओलंपिक पदक मिलने जैसी ही खुशी हो रही थी। गौरतलब है कि डी एन रोजर्स 66 साल के इतिहास में पहली अश्वेत हैं जो मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन चुनी गई हैं।

भारतीय भोजन किया
कैफे में दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय भोजन लिया। इसमें दाल-रोटी, चावल, पनीर औऱ रसगुल्ला शामिल था। कैफे शीरोज हैंगआउट में इस कार्यक्रम के दौरान छांव फाउंडेशन के निदेशक आशीष शुक्ला, मीडिया आॅफिसर केतन दीक्षित और एसिड अटैक फाइटर्स रूपा, नीतू, गीता, रूकैया, बाला, राजनीता और शबनम मौजूद रहीं।


इस प्रकार के दौरे से कैफे शीरोज हैंगआउट और सभी एसिड अटैक फाइटर्स का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। मिस यूनिवर्स का यह दौरा शीरोज और मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन की साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेगा। भविष्य के शीरोज हैंगआउट के बारे में हमने मिस यूनिवर्स के साथ चर्चा करेंगे। - आशीष शुक्ला, छांव फाउंडेशन के निर्देशक


मैं ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व ओलंपिक में करना चाहती थी। लेकिन एक इंजरी के कारण ऐसा नहीं हो सका। मैं सभी फाइटर्स से यही कहना चाहती हूं कि कभी भी कितनी भी बड़ी दिक्कत आए तो रूकना नहीं चाहिए। स्वाभिमान से जीना चाहिए और लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए। - डी एन रोजर्स, मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन 2018


मिस यूनिवर्स से मिलकर अच्छा लगा। अधिकतर लोग हमारी कहानियों से प्रेरित होते हैं। लेकिन डी एन रोजर्स के संघर्ष और उनसे हुई इस मुलाकात ने हमें प्रेरित किया है। पढ़ाई हो या खेलकूद वह हर क्षेत्र में आगे हैं। हम भी उनसे सीख लेंगे। - रूपा, मैनेजर, शीरोज हैंगआउट