
सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट Ai
आगरा के ताजगंज इलाके में 8 साल की मासूम प्रज्ञा की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। जो बच्ची घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक गायब हुई थी। उसका शव उसी घर के किरायेदार के कमरे में आटे के ड्रम में छिपा मिला। मां मंदिर में बैठकर बेटी की सलामती की दुआ मांगती रही। लेकिन रात होते-होते सामने आई सच्चाई ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर में रहने वाले दिनेश कुमार की जिंदगी एक पल में बदल गई। उनकी 8 साल की बेटी प्रज्ञा, जो कक्षा एक की छात्रा थी, मंगलवार दोपहर घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गई। शुरुआत में परिवार को लगा कि वह पास ही ट्यूशन पढ़ने चली गई होगी, लेकिन जब शाम तक वह वापस नहीं लौटी तो चिंता बढ़ गई। मां प्रीति ने आसपास हर जगह बेटी को ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। ट्यूशन टीचर से बात करने पर पता चला कि प्रज्ञा वहां पहुंची ही नहीं थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और मोहल्ले में तलाशी शुरू की। इसी दौरान एक अहम जानकारी सामने आई।
घर की पहली मंजिल पर रहने वाला किरायेदार सुनील और उसकी मां मंगलवार शाम से गायब थे। शक के आधार पर पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी ली। कमरे में रखे आटे के ड्रम को खोलते ही सबके होश उड़ गए। उसमें प्रज्ञा का शव छिपा हुआ था। यह खबर फैलते ही पूरे इलाके में गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया। लोगों की मांग थी कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने समझाकर स्थिति को काबू में किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिवार की हालत बेहद खराब है। मां प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। वह दो दिनों से मंदिर में बैठकर बेटी की सलामती की दुआ कर रही थी। घर में चूल्हा तक नहीं जला था। अब वही मां अपनी बच्ची को हमेशा के लिए खो चुकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। शुरुआती जांच में गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। लेकिन असली वजह आरोपी की गिरफ्तारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगी।
Updated on:
26 Mar 2026 06:59 am
Published on:
26 Mar 2026 06:59 am
