
आगरा के सलेमाबाद गांव निवासी देवेंद्र सिंह के 16 वर्षीय बेटे चंद्रवीर उर्फ मोनू की शुक्रवार रात हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि चंद्रवीर का आरोपियों की रिश्तेदार एक युवती से प्रेम संबंध था। परिजनों ने कई बार इस रिश्ते का विरोध किया और किशोर को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना।
इसके बाद आरोपियों ने साजिश रची। गांव के ही अभिषेक ने पहले चंद्रवीर से दोस्ती की और उसे अपने विश्वास में लिया। शुक्रवार शाम वह उसे गांव के बाहर खेतों में स्थित एक कुएं के पास ले गया।
कुएं के पास पहले से ही अभिषेक के पिता विजय सिंह, चचेरा भाई रामू, चाचा राजकुमार और उमेश मौजूद थे। सभी ने मिलकर चंद्रवीर को प्रेम संबंध खत्म करने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना।
इसके बाद आरोपियों ने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। जब वह अधमरा हो गया, तो अभिषेक, विजय और रामू ने उसे पैरों से पकड़कर उल्टा लटकाया और कुएं में फेंक दिया। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इसी दौरान मुख्य आरोपी अभिषेक खेतों में लगे कंटीले तारों में फंसकर घायल भी हो गया, लेकिन किसी तरह वहां से निकल गया।
डीसीपी पश्चिम आदित्य के अनुसार, मामले की जांच के बाद सोमवार को अभिषेक, विजय और रामू को मलिकपुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अभिषेक ने पुलिस को बताया कि चंद्रवीर के प्रेम संबंध उसकी बहन से हो गए थे। दोनों साथ में दौड़ लगाने जाते थे। उसे कई बार मना किया मगर वो मानने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस पर उसकी हत्या की साजिश रची। इसमें उसके पिता विजय सिंह और चाचा राज कुमार भी शामिल हो गए। घटना में शामिल अन्य आरोपी राजकुमार और उमेश अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गांव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है।
Published on:
24 Mar 2026 09:00 am
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