
ताजमहल
आगरा। आज राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National tourism day) है। भारत सरकार (Government of India) ने पर्यटन के महत्व और भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में इसकी भूमिका के बारे में आम लोगों को जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत की। गयी। विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism day) 27 सितम्बर को मनाया जाता है, जबकि राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 25 जनवरी को। आगरा की दृष्टि से बात करें तो राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National tourism day) का खास महत्व है। आगरा के लाखों लोग पर्यटन क्षेत्र से ही रोजी-रोटी कमा रहे हैं। आगरा में तीन विश्वदाय स्मारक, एक पक्षी विहार, चम्बल विहार है। आगरा से 4000 करोड़ रुपये तक का पर्यटन कारोबार होता है। दो हजार करोड़ रुपये का निर्यात (Export) किया जाता है। आगरा में 450 होटल हैं। स्मारकों पर टिकट बिक्री से लगभग 123 करोड़ रुपये की आय होती है। इसके बाद भी आगरा को पर्यटन विकास के लिए इंटरनेशल एयरपोर्ट (International Airport) की भी दरकार है।
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पर्यटन की अर्थव्यवस्था ताजमहल के आसपास
आगरा में हर साल करीब 70 लाख पर्यटक आते हैं। ये ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, अकबर का मकबरा सिकंदरा, एत्माउद्दौला, मेहताब बाग जाते हैं। आगरा में तीन विश्वदाय स्मारक हैं- ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी। साढ़े तीन लाख लोग पर्यटन पर प्रत्यक्ष रूप से आश्रित हैं। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि आगरा के लिए पर्यटन कितना महत्वपूर्ण है। पर्यटन की अर्थव्यवस्था ताजमहल के आसपास घूमती है। शुक्रवार को ताजमहल बंद रहता है। इस कारण अधिकांश एम्पोरियम में शुक्रवार को छुट्टी रहती है।
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पुरातत्व विभाग को टिकट से 123 करोड़ रुपये
जाने-माने पर्यटन उद्यमी प्रहलाद अग्रवाल बताते हैं कि स्मारकों से टिकट बिक्री से भारतीय पुरातत्व विभाग को खूब आय होती है। आंकड़ों पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 68 लाख पर्यटकों ने टिकट लेकर ताजमहल देखा। इनसे 77 करोड़ रुपये की आय हुई। आगरा किला से करीब 34 करोड़ रुपये और फतेहपुर सीकरी स्मारक से 12 करोड़ रुपये के आय टिकट बिक्री से हुई है।
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हर तरह का होटल और रेस्टोरेंट
उन्होंने बताया कि आगरा में होटल का सबसे बड़ा नेटवर्क है। आगरा में सितारा और बजट श्रेणी के 450 होटल हैं। 175 करीब रेस्टोरेंट हैं। 50 से अधिक हैंडीक्राफ्ट एम्पोरियम हैं। खास बात यह है कि हर श्रेणी का होटल आगरा में है। होटलों की इसी चेन के कारण रिक्शा वाला से लेकर मैनेजर तक को रोजगार मिल रहा है। फतेहाबाद रोड पर होटल और रेस्टोरेंट बड़ी संख्या में हैं। इन होटल तथा रेस्टोरेंट को कच्चा माल यहीं के किसान देते हैं। हर होटल के सामने एक खोखा जरूर होता है। उसकी भी बिक्री होती है। हाथ के कारीगर भी आजीविका चला रहे हैं।
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3500 से 4000 करोड़ रुपये का कारोबार
नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष और पर्यटन उद्यमी राजीव तिवारी ने पत्रिका को बताया कि आगरा का भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। आगरा से 3500 से 4000 करोड़ रुपये का कारोबार हर वर्ष होता है। इसमें सभी प्रकार की पर्यटन गतिविधियां शामिल हैं। आगरा का योगदान विदेशी मुद्रा अर्जन में भी है। हैंडीक्राफ्ट का निर्यात सालाना 2000 करोड़ रुपये तक का है।
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क्या है आवश्यकता
इंटरनेशनल एयरपोर्ट
ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम (आगरा किला में होता है, लेकिन 10 माह से बंद पड़ा है)
आगरा से अन्य शहरों के लिए नियमित उड़ान
बटेश्वर, कीठम पक्षी विहार, चम्बल विहार का भी प्रचार-प्रसार हो
पर्यटकों का रात्रि प्रवास बढ़ाने के लिए ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी पर कृत्रिम प्रकाश की व्यवस्था हो। तीनों ही स्थानों पर लाइट एंड साउंड शो हो।
मार्बल और हैंडीक्राफ्ट को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
पर्यटन क्षेत्र में आने वाले हर व्यक्ति को प्रशिक्षण दिया जाए, भले ही वह रिक्शा चालक हो या होटल मैनेजर।
यमुना पर बैराज बने, ताकि ताजमहल के पीछे पानी रहे और दृश्य सुंदर दिखाई दे।
स्मारकों और पार्किंग से हॉकर्स को हटाया जाए ताकि पर्यटक को कोई परेशान न करे।
ताज महोत्सव को पर्यटकों की दृष्टि से भी विकसित किया जाए। फिलहाल तो यह स्थानीय लोगों का मेला बनकर रह गया है। ताज महोत्सव पर्यटकों के लिए शुरू किया गया था।
पर्यटकों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जाए।
पर्यटन पुलिस में हर भाषा के जानकार लोग हों ताकि वार्तालाप कर सकें।
Published on:
25 Jan 2020 11:46 am
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