
आगरा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के रहस्य पर नेताजी रिसर्च ब्यूरो कोलकाता की पूर्व अध्यक्ष डॉ. पुरवि राय ने बड़ा खुलासा किया। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद और डॉ. भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी में चल रही गोष्ठी का शुभारम्भ जुबली हॉल में हुआ, जिसका विषय था नेताजी सुभाष चंद्र बोसः जीवन, कार्य एवं विरासत। इस गोष्ठी में डॉ. पुरवि राय ने उन दावों पर बड़ा खुलासा किया, जिनमें कई ने खुद के नेताजी होने का दावा किया था।
ये किया खुलासा
डॉ. पुरवि राय ने कहा कि नेताजी की मौत विमान दुर्घटना में हुई थी, लेकिन नेताजी के नाम को भुनाने के लिए कई लोगों ने दावा किया। डॉ. राय ने खुले शब्दों में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और रूस की साजिश के चलते कई नेताजी पैदा किए गए। 1956 में एक कमेटी बनाई गई। जवाहर लाल नेहरू ने तत्कालीन आईबी के डायरेक्टर भोलानाथ मलिक को बुलाया और कहा कि 10 डमी नेता जी बनाए जाएं। डॉ. पुरवि ने बताया कि उन्होंने वो फाइल देखी है, जिसमें ये बात लिखी गई है।
नेहरू को बताई थी पीड़ा
डॉ. पुरबि राय ने बताया कि जब डमी नेताजी सामने आने लगे, तो निरुपमा चर्कवर्ती, जो नेताजी सुभाषचंद बोस के बड़े पुत्र की पुत्री हैं और आईपीएस थीं, वे स्वंय नेहरू से मिलीं और कहा कि इन सब से वे दुखी हैं। उन्होंने नेहरू से साफ कहा कि ये ठीक नहीं है।
नेहरू के बाद इंदिरा गांधी ने भी कुछ ऐसा ही किया
डॉ. पुरबि ने बताया कि नेहरू के बाद प्रधानमंत्री बनीं इंदिरा गांधी ने भी कुछ ऐसा ही किया। इसके बाद फैजाबाद से गुमनामी बाबा पैदा हुआ। ये पूरी साजिश थी, नेताजी सुभाषचंद बोस के नाम को भुनाने की। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद ये सिलसिला थम गया और गुमानामी बाबा भी खत्म हो गए।
Published on:
27 Nov 2018 03:55 pm
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