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सुमिरन व सत्संग की सीख देता है निरंकारी मिशन

मिशन का कहना है कि यह पूरा संसार ही ईश्वर निराकार का रूप है।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Sep 24, 2017

Nirankari mission

Nirankari mission

आगरा। निरंकारी मिशन सेवा, सुमिरन व सत्संग की सीख देता है । मिशन का कहना है कि यह पूरा संसार ही ईश्वर निराकार का रूप है। शिष्य जब समर्पण भावना से कार्य करता है, तो उसमें दैविक गुण आने लगते हैं। इसलिए गुरु के वचनों को मानें और जीवन में अपनाएं। गुरु के वचनों को मानने के बाद परिवर्तन आना स्वाभाविक है। बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का कहना था कि सच्चा गुरुसिख वह है जो कि दुखी चेहरों पर मुस्कान ला सके व दूसरों के जीवन में ख़ुशियां ला सके। यह विचार आज यहां निरंकारी मिशन के ज़ोनल इंग्लिश मीडीयम समागम में दिल्ली से पधारे महात्मा विकास द्विवेदी जी ने व्यक्त किए।

समागम में आगरा ज़ोन के विभिन्न जिलों से आए युवाओं ने भाग लिया और नाटक आदि सांस्क्रतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। श्री द्विवेदी ने प्रेरित प्रसंग सुनाते हुए कहा कि निरंकारी मिशन मानवता कि सेवा एवं एकता का मिशन है। उन्होंने कहा कि किसी के पैर का कांटा निकाल कर तो देखो कितना आनंद आता है। मानव का तन दुर्लभ है अतः अपने दैनिक कार्यों के साथ साथ कुछ समय सेवा, सुमिरन व सत्संग के लिए अवश्य निकालें । धर्म ग्रंथों का स्वाध्याय कर उनके अर्थ को समझें। उन्होंने अवतार वाणी के शब्द सुनाते हुए कहा कि "भई प्राप्त मानुष देहुरिया, गोविंद मिलन की एह तेरी बरिया" अर्थात यह मनुष्य जन्म ईश्वर की प्राप्ति के लिए मिला है, जो कि सच्चे गुरु की शरण में अपने आप को समर्पित करने से ही मिलता है।


इन वचनों को जीवन में अपनाएं
ज़ोनल इंचार्ज श्रीमती कांता महेन्द्रू ने निरंकारी मिशन की शिक्षाओं और सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी के वचनों को अपने जीवन में अपनाने की सीख दी। उन्होंने हिंदी के साथ साथ अंग्रेज़ी भाषा में भी समागमों के आयोजन की चर्चा करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा उत्साह पूर्वक भाग ले रहें हैं ।