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कांवेंट को मात देने की ये कैसी तैयारी, खुली छत के नीचे पढ़ रहा देश का भविष्य

पत्रिका अभियान: हाल ए प्राइमरी, वजीरपुरा, राधानगर और जगदीशपुरा में टीनशैड में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, प्राइमिक विद्यालयों की खस्ता हालत पर नहीं है शिक्षा विभाग की नजर, कभी भी हो सकता है कोई हादसा

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jul 03, 2018

school

primary school of agra

आगरा। योगी सरकार स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की बात करती है। कांवेंट स्कूल को मात देने की तैयारी की जा रही है। इंग्लिश मीडियम स्कूल की शुरूआत की जा रही है। लेकिन, नौनिहाल जर्जर बिल्डिंग में पढ़ने को मजबूर है। शहर की जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग की अनदेखी कभी भी भारी पड़ सकती है।

खुली छत के नीचे चलता है स्कूल
आगरा में जगदीशपुरा प्राइमरी स्कूल, वजीरपुरा और प्राथमिक विद्यालय राधानगर में बच्चों के पढ़ने के लिए भवन नहीं है। वहीं माईथान, बाल गोर्वधन धाम, नगला पदी के साथ करीब दो दर्जन स्कूल ऐसे हैंं। जहां बिल्डिंग जर्जर हालत में है। करीब एक हजार बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।खुली छत के नीचे बच्चे पढ़ाई को मजबूर होते हैं। बारिश के दौरान स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है। कमोवेश यही हालत जगदीशपुरा के प्राथमिक विद्यालय की है। यहां जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत के लिए कई बार शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया लेकिन, आज तक स्कूल की बिल्डिंग की मरम्मत नहीं हुई। ये स्कूल किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। भवन स्वामी इस स्कूल को खाली कराना चाहता है, जिसके चलते बिल्डिंग की इमारत की मरम्मत नहीं की जा सकी है। वजीरपुर के प्राथमिक विद्यालय में पार्क में पढ़ाई करने को बच्चे मजबूर हैं। बच्चों की पढ़ाई तेज धूप, बारिश और आंधी में बाधित होती है।

शिक्षा विभाग का उदासीन रवैया
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा इन स्कूलों की मरम्मत के लिए कई बार शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखे गए। लेकिन, नतीजा कुछ नहीं निकला। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नगर मंत्री राजीव वर्मा का कहना है कि सरकार शिक्षकों से कई तरह के काम ले रही है। शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए शिक्षक भी प्रयास कर रहे हैं लेकिन, मूलभूत सुविधाएं आज भी स्कूलों में नहीं हैं। जर्जर बिल्डिंग में पढ़ाई करने को बच्चे मजबूर हैं। स्कूलों में पीने के पानी, बिजली की समस्या है। कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया है। लेकिन, सुनवाई नहीं होती है।