
Tajmahal
आगरा। ताजमहल रात्रि दर्शन के लिए दिन के दिन ऑनलाइन ई.टिकट उपलब्ध होना चाहिए। एक दिन पहले रात्रि दर्शन के लिए टिकट खरीदना और वह भी आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ इण्डिया के कार्यालय 22 माल रोड, आगरा से कतार में खड़े होकर भारतीय एवं विदेशी पर्यटकों के लिए एक बुरा अनुभव है, जिसमें बदलाव की आवश्यकता है। आगरा डवलपमेण्ट फाउण्डेशन यानि एडीएफ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में ऐसे बदलाव के लिए अभी हाल में 2 जुलाई 2019 को याचिका प्रस्तुत की गई है।
ये दी जानकारी
एडीएफ सचिव केसी जैन द्वारा बताया गया कि दिसम्बर 1999 से ताजमहल के रात्रिदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगा दी गयी थी, जो बाद में सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश 25 नवंबर 2004 के द्वारा सशर्त अनुमति दे दी गयी जिसके अनुसार रात्रिदर्शन के लिए ताजमहल 5 दिन के लिए खोले जाने की अनुमति दी, जिसमें पूर्णिमा का दिन व उससे 2 दिन पूर्व और 2 दिन बाद के दिन सम्मिलित थे। इसी आदेश से सुप्रीम कोर्ट ने यह भी शर्त रखी कि ताज रात्रिदर्शन के लिए कम्प्यूटरीकृत टिकट को एएसआई के माल रोड स्थित कार्यालय से 24 घण्टे पहले लेना होगा।
दायर याचिका में कहा गया ये
एडीएफ की ओर से दायर की गयी याचिका में यह कहा कि आगरा में लगभग एक करोड़ देश विदेश के पर्यटक आते हैं, जिसमें से नवम्बर 2004 से लेकर मार्च 2018 तक मात्र 82,708 पर्यटकों ने ताज रात्रिदर्शन किया, जिसमें 28,358 विदेशी पर्यटक भी थे और शेष 46,063 भारतीय व 7,465 बच्चे थे व लगभग 491 करोड़ की धनराशि रात्रिदर्शन के टिकट विक्रय से वसूली गयी। इस संख्या से कहीं अधिक पर्यटक रात्रिदर्शन कर सकते थे। वास्तविकता यह है कि पर्यटक ताज के रात्रि दर्शन के लिए आतुर रहते हैं, किन्तु टिकट को एक दिन पहले खरीदना और एएसआई के कार्यालय में जाकर खरीदना सभी के लिए सम्भव नहीं था। जिसके कारण बड़ी संख्या में पर्यटक ताज के रात्रिदर्शन के यादगार पलों से वंचित रहे। पर्यटकों के पास सीमित समय होता है, जिसके लिए यह जरूरी है कि रात्रिदर्शन के लिए ऑनलाइन ई.टिकट की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए और यह ई.टिकट रात्रिदर्शन वाले दिन भी मिलना चाहिए।
पांच वर्ष से चल रही ये व्यवस्था
ताजमहल को दिन में देखने के लिए ऑनलाइन ई.टिकट की सुविधा 27 दिसम्बर 2014 से सफलतापूर्वक 5 वर्ष से चल रही है और लाखों लोगों द्वारा ई.टिकट से ताजमहल देखा है और उसी की तर्ज पर ताज रात्रिदर्शन के भी टिकट मिलने चाहिये और ऐसा कदम डिजिटल इण्डिया के सपने को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। याचिका में यह भी कहा कि जब नवम्बर 2004 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कम्प्यूटरीकृत टिकट एएसआई कार्यालय से बेचने की बात कही थी उसके बाद अब आनलाइन टिकट की तकनीकि विकसित है। एएसआई द्वारा भी एक प्रार्थना पत्र सितम्बर 2015 में शर्तों में परिवर्तन हेतु लगाया गया था, लेकिन समस्त तथ्यों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष नहीं रखा गया, जिसके कारण सितम्बर,य 2018 में वह निरस्त हो गया। इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुनर्विचार हो और ताज को रात्रि में देखने के लिए आनलाइन ई.टिकट की व दिन के दिन टिकट क्रय करने की अनुमति दी जाये। जो पर्यटन को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
ये बोले अध्यक्ष
एडीएफ अध्यक्ष पूरन डाबर द्वारा भी आनलाइन टिकट को वर्तमान की आवश्यकता बताया और कहा कि कतार में खड़े होकर टिकट खरीदना अब गुजरे जमाने की बात हो चुकी है और सुप्रीम कोर्ट को पुरानी रखी गयी शर्त में बदलाव करना चाहिए जिसके लिए सभी विभागों को प्रार्थना.पत्र का समर्थना करना चाहिये। सचिव जैन द्वारा यह भी आशा व्यक्त की कि सुप्रीम कोर्ट बदली हुई परिस्थितियों में अपने पिछले 2004 के आदेश में बदलाव करना चाहेगा।
ताज रात्रिदर्शन, पर्यटकों की संख्या व टिकट से प्राप्त राशि
अवधि भारतीय विदेशी बच्चे योग टिकट से प्राप्त राशि
नवम्बर
2004 -2005 1651 1289 279 3210 1948260
2005 -2006 1043 1201 204 2453 1534680
2006 -2007 1011 1195 149 2355 1484860
2007 -2008 1414 1788 268 3470 2191060
2008 -2009 1220 1322 169 2711 1698200
2009-2010 1575 1903 308 3786 2380722
2010-2011 1818 1966 362 4146 2592688
2011-2012 2763 2803 378 5944 3700380
2012-2013 4687 3270 914 8871 5299870
2013-2014 4483 2855 776 8114 4815580
2014-2015 4976 1595 712 8074 4684790
2015-2016 7509 2454 1299 11298 6337950
2016-2017 5274 2071 720 8065 4602990
2017-2018 6639 2645 927 10211 5833140
Published on:
06 Jul 2019 09:03 am

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