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ऐसे बहू-बेटों को क्या सजा दी जाए?

बहू-बेटों ने बुजुर्गों को पीटकर घर से निकाला, रामलाल वृद्ध आश्रम में मिला सहारा

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आगरा। रामलाल वृद्ध आश्रम, सिकंदरा में बुजुर्गों का आना जारी है। अधिकांश बुजुर्ग अपने बेटों के सताए हुए हैं। किसी ने मारपीट कर घर से निकाल दिया है, तो कोई संपत्ति हड़पने के लिए उत्पीड़न कर रहा है। ये वही बुजुर्ग हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को पालने के लिए सबकुछ कुर्बान कर दिया। उन्हें आशा थी कि ये बच्चे बुढ़ापे में सहारा बनेंगे, लेकिन वही दुश्मन बन गए हैं। ऐसे ही हालात पर किसी ने कहा है- झुर्री-झुर्री गाल हो गए, जैसे बीता साल हो गए, जिन हाथों से उन्हें खिलाया उन हाथों बेहाल हो गए। आश्रम के मुख्य संरक्षक अशोक जैन सीए ने पूछा है कि बुजुर्गों को घर से निकालने वाले बहू-बेटों को क्या सजा दी जाए?

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सबकी एक ही कहानी

रामलाल वृद्धाश्रम को माता-पिता सेवा मंदिर भी कहा जाता है। मंगलवार को 11 बुजुर्ग यहां आए। सबकी एक ही कहानी है कि बहू-बेटे मारपीट करते हैं। ओम प्रकाश पुजारी (71) निवासी खंजरा की पड़ी, खंदौली अपने बेटे से प्रताड़ित हैं। रशीद खान (68) निवासी शास्त्रीनगर मिश्रा मार्केट खंदारी को बेटे ने पीटा है। जवाहर लाल उपाध्याय (62) निवासी 309, शुभम अपार्टमेंट, हलवाई की बगीची, आगरा से परिवार में हर कोई क्लेश करता है। रवि मंजुला (62) निवासी नंद विहार, आईटी एक्स्टेंशन, दिल्ली की परिवार में कोई देख रेख करने वाला नहीं है। राजेश कुमारी (76) निवासी सिर की मंडी, लोहामंडी आगरा के साथ बहू बेटे मारपीट करते हैं। दीपचंद (67) निवासी छोटा उखर्रा, राजपुर चुंगी, आगरा को बेटों ने पीटा और घर से निकाल दिया है। छोटेलाल (60) निवासी 924, सेक्टर 10 आवास विकास कॉलोनी से परिवार में सब क्लेश करते हैं। शकुंतला देवी (60) निवासी लोहिया नगर बल्केश्वर, आगरा मानसिक रूप से विकलांग है। प्रेमचंद वर्मा (74) निवासी आवास विकास कॉलोनी के साथ बेटों ने मारपीट की और घर से निकाल दिया। ऊषा (70) निवासी शनिदेव मंदिर, रुनकता को परिवार में कोई रखना नहीं चाहता है। इन सबने रामलाल आश्रम में शरण ली है।

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बुजुर्गों के साथ असभ्य व्यवहार पर खेद

आश्रम के मुख्य संरक्षक अशोक जैन सीए का कहना है कि बुजुर्ग माता-पिता की सेवा करना हमारा धर्म है। उन्होंने इस पर खेद जताया कि घर के बुजुर्गों के साथ असभ्य व्यवहार किया जा रहा है। आश्रम के अध्यक्ष शिवप्रसाद शर्मा ने नए मेहमानों का स्वागत किया। बुजुर्गों ने अपने परिजनों को कोसा। उन्होंने बताया कि मई, 2018 में 19 माता-पिता आश्रम में आ चुके हैं। आठ को समझौता कराकर उनके घर भेजा गया। इस समय आश्रम में 274 बुजुर्ग निवासरत हैं। इस मौके पर संदेश जैन, नंद किशोर शर्मा, सत्यनारायण, पंकज शर्मा, अरविन्द शर्मा, निखिल सिंह, मनु, गीता शर्मा आदि मौजूद रहे।

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