28 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गला काटकर कनस्तर में डाली 8 साल की मासूम की लाश… आगरा के हत्यारे का एनकाउंटर में अंत, ऐसे हुई थी वारदात

आगरा में किराएदार सुनील ने किराए के विवाद के चलते 8 साल की बच्ची प्रज्ञा की गला काटकर हत्या कर दी और शव कनस्तर में छुपा दिया।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Anuj Singh

Mar 28, 2026

बच्ची के हत्यारोपी का एनकाउंटर में खात्मा

बच्ची के हत्यारोपी का एनकाउंटर में खात्मा

Agra Crime News: आगरा में एक किराएदार ने अपने मकान मालिक की 8 साल की बच्ची की गला काटकर हत्या कर दी। आरोपी किराएदार सुनील को शनिवार तड़के पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस ने जब आरोपी को घेरा तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में सुनील को गोली लग गई। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कैसे हुई थी बच्ची की हत्या?

29 वर्षीय सुनील ने 24 मार्च को जूता कारोबारी की 8 वर्षीय बेटी प्रज्ञा की गला काटकर हत्या कर दी। उसने शव को एक कनस्तर में भर दिया था। करीब 30 घंटे बाद पुलिस ने शव बरामद किया। बच्ची सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी इलाके की रहने वाली थी। उसके पिता का जूते का कारखाना है। घर के ठीक सामने एक और मकान है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर सामान रखा जाता है। ऊपरी दो कमरों में किराएदार सुनील रहता था।

हत्या का कारण

पुलिस जांच में पता चला कि हत्या का कारण किराए का विवाद था। घटना से 11 दिन पहले बच्ची के चाचा ने बकाया किराए को लेकर सुनील को थप्पड़ मार दिया था और उसके कमरे पर ताला लगा दिया था। सुनील को यह बात बहुत बुरी लगी। बाद में उसने किराया तो दे दिया, लेकिन उसने परिवार को "देख लेने" की धमकी दे दी थी। इसी गुस्से में उसने बच्ची की हत्या की।

बच्ची कैसे लापता हुई?

मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे 8 साल की प्रज्ञा घर के बाहर कुछ बच्चों के साथ खेल रही थी। काफी देर तक वह दिखाई नहीं दी। परिवार को लगा कि वह ट्यूशन पढ़ने चली गई होगी। लेकिन जब शाम 4:30 बजे तक वह घर नहीं लौटी तो मां को चिंता हुई। परिवार ने आसपास तलाश की और टीचर से बात की, लेकिन टीचर ने बताया कि बच्ची ट्यूशन नहीं आई थी। पूरे मोहल्ले में खोजबीन की गई। पुलिस को सूचना दी गई और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि दोपहर 2 बजे प्रज्ञा गली के बाहर एक दुकान से चिप्स का पैकेट लेती है और वापस घर की तरफ जाती है। उसके बाद वह बाहर नहीं निकली।

आरोपी का नाटक

परिजनों ने बताया कि बच्ची के पिता अपनी बहन की शादी के लिए अंगूठी बनवाने गए हुए थे। फोन पर लापता होने की खबर मिलते ही वे घर लौट आए। पूरा मोहल्ला बच्ची की तलाश में जुट गया। आरोपी सुनील भी परिवार के साथ बच्ची की तलाश में लगा रहा। वह नाटक करते हुए पुलिस थाने तक गया। पोस्टर चस्पा करने में भी उसने मदद की। लेकिन असल में वह खुद ही अपराधी था।