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रक्षाबंधन पर आॅनलाइन शॉपिंग कंपनियों की मार, राखी व्यापारी को ग्राहकों का इंतजार

आॅनलाइन शॉपिंग कंपनियों से राखियां मंगा रहे लोग, बाजार में राखी की बिक्री हुई प्रभावित

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आगरा

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Abhishek Saxena

Aug 24, 2018

rakhi

रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रकाल का साया,राखी बांधते समय इनका रखें विशेष ध्यान,बदल जाएगी भाई की किस्मत

आगरा। रक्षाबंधन त्योहार के लिए बाजार में राखियों की दुकान सजी हैं लेकिन, दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। ग्राहकों की संख्या कम होने से दुकानदार हताश हैं। दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों ने राखियों के मार्केट पर भी कब्जा कर लिया, जिसके चलते दुकानदारी पर बहुत बड़ा असर पड़ रहा है। जीएसटी के बाद राखियों के बाजार में अच्छी आमदनी होने की आने की उम्मीद थी। लेकिन, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों द्वारा की जारी डिलिवरी के चलते दुकानदारी ठप पड़ी है।

करोड़ों के कारोबार का नुकसान
आगरा के विभिन्न स्थानों पर राखियों के मार्केट सजे हैं। आगरा में जौहरी बाजार, रावतपाड़ा, किनारी बाजार, राजा मंडी सहित कई स्थानों पर थोक में राखी के कारोबारी हैं जो शहर और देहात में राखी की सप्लाई देते हैं। राखियों के कारोबारी रजत गुप्ता ने बताया कि इस बार शहर में करीब 20 करोड़ की राखी का कारोबार ही हो सकेगा जो पिछले साल 40 करोड़ की राखी के कारोबार के मुकाबले काफी कम है। मार्केट में बड़ी संख्या में ग्राहकों की कमी दिखाई दे रही है। इसका कारण उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी राखियों में भी डीलिंग कर रही हैं। जिसके चलते ग्राहक दुकान पर नहीं आ रहे हैं। आगरा के कारोबारी नीरज गुप्ता का कहना है कि सरकार को ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों पर से राखियां बेचने पर पाबंदी लगानी चाहिए। राखी के कारोबार से छोटे-छोटे दुकानदार अपने परिवार का भरण पोषण कर सकते हैं। सरकार को यह सोचना चाहिए कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां ऐसे छोटे-छोटे व्यापारियों के रोजगार को खत्म कर रही हैं। बड़े कारोबार बेशक ऑनलाइन पर दिए जाएं लेकिन, छोटे कारोबार ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों से दूर रखें।

छोटे दुकानदारों को खत्म कर देंगी आॅनलाइन शॉपिंग कंपनियां
वैश्य एकता परिषद के पदाधिकारी अनुज अग्रवाल ने बताया कि बाजार में पांच रुपये से लेकर 15 सौ रुपये तक की राखी मौजूद है। लेकिन ग्राहक राखियों की दुकान से दूर हैं। आजकल ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां यही राशियां बड़े दामों पर ग्राहकों को बेचती हैं जिसमें डिलीवरी चार्ज अलग से देना होता है। ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के मायाजाल में फंस कर राखियां खरीद लेते हैं। जिससे छोटे दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां छोटे दुकानदारों को खत्म कर देंगीं।