
रामकथा के पोस्टर का विमोचन निजी होटल में हुआ
ताजनगरी आगरा में 3 से 11 अप्रैल तक राम भक्ति की बयार बहेगी।पद्मविभूषण रामभद्राचार्य के मुख से श्री रामकथा का पाठ होगा। एक दिन के लिए उनके शिष्य बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री भी आयोजन में शामिल होंगे। प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और एमपी के राज्यपाल मंगू भाई पटेल समेत कई बड़ी हस्तियों के आयोजन में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
मेयर पद की तैयारी तो नहीं?
आगरा के पूर्व सांसद राम शंकर कठेरिया राम कथा के मुख्य आयोजक हैं। सभी बैनर और होर्डिंगों में उनके साथ पत्नी मृदुला कठेरिया दिखाई दे रही हैं। वर्तमान में आगरा नगर निगम के चुनाव में एस सी और महिला सीट होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में भाजपा खेमे में चर्चा हो रही है की कहीं पत्नी को मेयर का चुनाव लड़वाने के लिए सांसद दोबारा आगरा में सक्रिय हो रहे हैं।
पोस्टर विमोचन के दौरान सपा पर बोला जबानी हमला
राम कथा के पोस्टर विमोचन के दौरान इटावा से सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया ने सपा पर जमकर हमला बोला। सपा द्वारा क़ानून व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने के दावे पर बोलते हुए सांसद कठेरिया ने कहा कि समाजवादी पार्टी की औकात नहीं कि वह भाजपा सरकार को घेरे। समाजवादी पार्टी खुद में बहुत कमजोर हो गई है। समाजवादी पार्टी के समर्थकों और नेताओं का पार्टी के ऊपर से विश्वास उठ गया है। भारतीय जनता पार्टी के शासन में पूरी तरह से लॉ एंड ऑर्डर स्थापित है। जो सुशासन की बात कही थी वह पूरी तरह से स्थापित है। किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने नहीं दिया जा रहा है। रामचरित मानस पर उठे विवाद पर बोलते हुए सांसद कठेरिया ने कहा कि राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए इतनी किसी की हैसियत नहीं है कोई चाहे कितनी भी बकवास करे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दे ही नहीं बचे। वहीँ सपा राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जी लाल सुमन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि रामजी लाल सुमन अब रिटायर हो गए है। अतीक अहमद के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि अतीक सपा बसपा के संरक्षण में गुंडई करता था जिसे योगी सरकार ने धवस्त कर दिया है।
पहली बार हो रहा आयोजन
जय श्रीराम सेवा समिति की ओर से श्रीराम कथा का आयोजन 3 से 11 अप्रैल तक 'चित्रकूटधाम' कोठी मीना बाजार में किया जा रहा है। ताजनगरी में पहली बार श्रद्धालुओं को पद्मविभूषण संत रामभद्राचार्य जी महाराज के मुखारविंद श्रीराम कथा सुनने का पावन एवं पवित्र अवसर प्राप्त होगा। इससे पूर्व संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में श्रीराम कथा के पोस्टर व आमंत्रण-पत्र का समिति के सदस्यों ने विमोचन कर आगरावासियों को निमंत्रित किया। कथा में एक दिन के लिए बाघेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री ने आने की स्वीकृति दे दी है।
26 मार्च से ही शुरू हो जाएंगे कार्यक्रम
मुख्य यजमान धनकुमार जैन ने बताया कि कथा से पूर्व 26 मार्च को कोठी मीना बाजार पर वैदिक मंत्रोचारण से भूमि पूजन और आमंत्रण यात्रा निकाली जाएगी। 1 अप्रैल को महिलाये श्री नाम के नाम की मेहँदी लगाएंगी। 2 अप्रैल को चिंताहरण मंदिर से महिलाएं कलश यात्रा में शामिल हो कर कथा स्थल पहुंचेंगी। रामभद्राचार्य जी महाराज के द्वारा 3 से 11 अप्रैल तक निरंतर श्रीराम कथा का श्रवण रामभक्त करेंगे।
25 हज़ार श्रद्धालुओं की बैठने की व्यवस्था
कैलाश मंदिर महंत निर्मल गिरी ने बताया कि प्रतिदिन 25 हज़ार श्रद्धालुओं में महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग बैठक व्यवस्था के लिए कोठी मीना बाजार पर एक लाख वर्ग फुट में पंडाल सजाया जा रहा है। जबकि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महाराज धीरेन्द्र शास्त्री आने पर एक लाख से ज्यादा लोगों के बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है। भक्तो की सुविधा के लिए सोलह खंडो में विभाजित किया है। कथा स्थल पर 5 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
शंकराचार्य करेंगे कलश यात्रा का उद्धाटन
मीडिया प्रभारी विमल कुमार ने बताया कि बद्रिका आश्रम से जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज दो अप्रैल को कलश यात्रा का उद्धाटन करेंगे। जिसमे 11 बैंड की धून पर 11 झांकियो के साथ 5 हज़ार महिलाये सिर पर कलश लेकर चलेंगी। इस अवसर पर सुनील विकल, राकेश अग्रवाल, प्रमोद चौहान, अशोक अग्रवाल, हरी नारायण चतुर्वेदी, गौरव बंसल, केशव अग्रवाल, अजय अवागढ़, सुशीला चौहान, सुदेश वर्मा, दिनेश अग्रवाल, सुनील मित्तल, आलोक जैन, पियूष सिंघल, अनमोल अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
रामभद्राचार्य का जीवन परिचय
जगद्गुरु रामभद्राचार्य का पूर्वाश्रम नाम गिरिधर मिश्र चित्रकूट में रहने वाले एक प्रख्यात विद्वान्, शिक्षाविद्, बहुभाषाविद्, रचनाकार, प्रवचनकार, दार्शनिक और हिन्दू धर्मगुरु हैं। वे रामानन्द सम्प्रदाय के वर्तमान चार जगद्गुरु रामानन्दाचार्यों में से एक हैं। वे चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक और आजीवन कुलाधिपति हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दो मास की आयु में नेत्र की ज्योति से रहित हो गए थे और तभी से प्रज्ञाचक्षु हैं। वे बहुभाषाविद् हैं और 22 भाषाएँ बोलते हैं। उन्होंने 80 से अधिक पुस्तकों और चार महाकाव्य ग्रंथों की रचना की है। 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया।
Published on:
22 Mar 2023 06:41 pm
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