
आगरा। मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले, इसके लिए यह आवश्यक है कि उपचार करने वाले चिकित्सक ही नहीं बल्कि नर्स, वार्ड ब्वाॅय, पैरामेडिकल स्टाॅफ अपने-अपने कार्य में दक्ष हों, क्योंकि दक्ष होने पर ही वह सटीक इलाज कर सकेगा। इसके लिए जरूरी है अभ्यास, क्योंकि अभ्यास ही किसी व्यक्ति को दक्ष बनाता है। यह कहना है फाॅग्सी की अध्यक्ष डॉ. जयदीप मल्होत्रा का।
समर्थ योजना का आरंभ
फाॅग्सी ने इस साल समर्थ योजना को आरंभ किया गया है। बुधवार को आगरा में रेनबो हाॅस्पिटल से देश भर के लिए यह योजना लांच की कई। फाॅग्सी की अध्यक्ष डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि समर्थ एक ऐसा प्रोग्राम है जो पैरामेडिकल स्टाॅफ के कौशल को निखारने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि देश भर में आज भी पैरामेडिकल स्टाॅफ की कमी है। ऐसा स्टाॅफ भी मौजूद है, जिसे अभ्यास कराए जाने पर गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। यह कमी निजी सेक्टर में ही नहीं बल्कि सरकारी सेक्टर में भी है। ऐसे में फाॅग्सी ने तय किया है कि ऐसे स्किल एक्सीलेंसी सेंटर खोले जाएं, जहां इंजेक्शन लगाने से लेकर बड़ी सर्जरी करने तक की शिक्षा दक्षता हासिल करने के लिए दी जाए। यह प्राइवेट प्रैक्टिसनर्श के साथ दो सप्ताह का प्रशिक्षण होगा। जिसे जाॅन्स हाॅप्किन्स प्रोग्राम फाॅर इंटरनेशनल एजुकेशन इन गायनेकोलाॅजी एंड आॅब्सटेट्रिक्स (जपाइगो) के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसका पहला सेंटर आगरा के रेनबो हाॅस्पिटल में खोला जाएगा और इसके बाद प्रदेश में चार और सेंटर संचालित किए जाएंगे। इन सेंटर्स में पैरामेडिकल स्टाॅफ को डमी प्रशिक्षण के साथ ही इंजेक्शन लगाने से लेकर आॅपरेशन तक का गहन अध्ययन कराया जाएगा। इस अवसर पर जपाइगो की इंटरनेशनल प्रेसीडेंट एवं सीईओ ने पैरामेडिकल स्टाॅफ को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। डॉ. लेजली, इंडियन कंट्री डायरेक्टर डॉ. बुलबुल सूद, फाॅग्सी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, ज्वाइंट सैक्रेटरी डॉ. निहारिका मल्होत्रा, डॉ. ऋषभ बोरा, डॉ. केशव मल्होत्रा, डॉ. राजीव लोचन शर्मा, डॉ. मनप्रीत शर्मा, डॉ. शैमी बंसल आदि मौजूद थे।
इलाज की गुणवत्ता को निखारेगा समर्थ
जपाइगो की इंटरनेशनल डायरेक्टर एवं सीईओ डॉ. लेजली ने कहा कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि जब डिग्री या डिप्लोमा लेकर स्टूडेंट आता है और जाॅब करता है तो अपने कार्य को ठीक से नहीं कर पाता है। इसकी वजह से मरीजों को कभी-कभी काफी दिक्कत हो जाती है। लेकिन, समर्थ के जरिए मिलने वाले प्रशिक्षण से इस तरह की दिक्कतें नहीं आएंगी। यह प्रशिक्षण अलग-अलग कोर्स से जुड़ा होगा। इसके बाद अस्पतालों, नर्सिंग होम्स, मैटरनिटी होम्स, क्लीनिक्स पर इलाज की गुणवत्ता में और सुधार संभव होगा। उजपाइगो की डॉ. बुलबुल सूद इस योजना के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग कर रही हैं।
Published on:
29 Apr 2018 03:31 pm
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