
गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में आम की मांग बढ़ जाती है। इस मांग को पूरा करने के लिए फल विक्रेता आम को जल्दी पकाते हैं। इसके लिए वे धड़ल्ले से कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादातर इसका इस्तेमाल आम और पपीता के लिए किया जा रहा है। बता दें कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के नियमानुसार फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद इनकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।
कैल्शियम कार्बाइड इतना नुकसानदायक होता है कि इसके चलते पिछले दिनों ही फाउंड्री नगर स्थित राधाकृष्ण गोशाला में 60 गायें बीमार पड़ गई थीं और 12 ने दम तोड़ दिया था। इसका खुलासा उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला था कि गायों की मौत कैल्शियम कार्बाइड से पके पपीते और उसके छिलके खाने की वजह से हुई थी।
वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि कैल्शियम कार्बाइड में फल पकाने से उसका असर फल में आ जाता है। इस फल को खाने से किडनी, लिवर और स्नायु तंत्र की बीमारियां होने का खतरा रहता है। वहीं पेट दर्द, चक्कर, सिरदर्द, दिमागी सूजन, मिर्गी आदि समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में इन फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं। इनको कभी भी छिलके सहित न खाएं और धब्बे लगे फलों को खरीदने से बचें।
Updated on:
15 May 2019 05:09 pm
Published on:
15 May 2019 05:07 pm
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