
maharaja agrasen bhawan
आगरा। आखिरकार प्रशासन के सामने सवर्णों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मुंह की खानी पड़ी। पुलिस-प्रशासन ने मीटिंग नहीं होने दी। महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी में मीटिंग होनी थी, लेकिन वहां ताला डाल दिया। पुलिस तैनात कर दी। किसी को अंदर नहीं जाने दिया। फिर फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल के आवास पर बैठक करने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली।
क्या है मामला
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत बिना जांच के रिपोर्ट न लिखने और गिरफ्तारी न करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ भारतबंद के दौरान दलितों ने आगरा में हिंसक प्रदर्शन किया। लूटपाट, पथराव, आजगजनी की घटनाएं हुईं। भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे के होटल मोती पैलेस में तोड़फोड़ की। थाना सदर की बुंदू कटरा पुलिस चौकी में आग लगा दी। राहगीरों के सिर फोड़े। एमजी रोड बंद करा दिया। कलक्ट्रेट पर कई घंटे तक कब्जा किया गया। फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल ने एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जनता की ओर से खुशी जाहिर की थी।
सांसद आवास पर भी पहुंचे अधिकारी
सवर्ण ओबीसी स्वाभिमान मंच के बैनर तल डॉ. रामेश्वर चौधरी ने महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी में पूर्वाह्न 11 बजे बैठक बुलाई थी। डॉ. रामेश्वर सिंह , कुंवर शैलराज सिंह एडवोकेट, भँवर सिंह चौहान आदि मौके पर पहुंचे तो पाया कि गेट पर सिपाही तैनात हैं और ताला प़ड़ा हुआ है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिसूचना ने कहा कि यहां कोई बैठक नहीं होगी। नेताओं ने इसका विरोध किया। सबका कहना था कि दलितों को कुछ भी करने दिया गया और हमें बैठक तक नहीं करने दी जा रही है। काफी प्रयास किया कि बैठक हो जाए, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर कहा गया कि बैठक भारतीय जनता पार्टी के सांसद चौधरी बाबूलाल के आवास पर होगी। सब लोग वहां आ गए। उनके पीछे-पीछे पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिसूचना पहुंच गए। कहा कि जिले में धारा 144 लगी हुई है। बिना अनुमति के कोई बैठक नहीं की जा सकती है। एक बार फिर तड़का-भड़की हुई।
Published on:
03 Apr 2018 12:26 pm
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