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दलित छात्रा संजलि की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, पढ़िए भाई ने क्यों जिन्दा जलाया

आत्महत्या करने वाले चचेरे भाई योगेश ने दो रिश्तेदारों के साथ जिन्दा जलाया।

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आगरा

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Abhishek Saxena

Dec 25, 2018

sanjali

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आगरा। देशभर में गूंजने वाले दलित छात्रा संजलि हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। संजलि की किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि अपनों ने ही पेट्रोल डालकर जिन्दा जला दिया। इसी कारण उसके चचेरे भाई योगेश ने आत्महत्या कर ली। पुलिस हत्यकांड से जुड़ी कुछ और कड़ियों को जोड़ रही है। ‘पत्रिका’ ने पहले ही अवगत करा दिया था कि पुलिस हत्याकांड का खुलासा करने जा रही है। देर रात्रि पुलिस ने हत्यकांड का राज फाश कर दिया। पुलिस ने सात दिन में 500 नम्बरों की सर्विलांस टीम ने जांच की। पुलिस को पहले दिन से ही योगेश पर शक था।

तीन लोगों ने दिया घटना को अंजाम

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने बताया कि थाना मलपुरा के अंतर्गत गांव लालऊ निवासी संजलि को उसके ताऊ के पुत्र योगेश ने जलाया था। योगेश के साथ थाना जगदीशपुरा के अंतर्गत कलवारी गांव निवासी और ममेरा भाई विजय तथा उसकी पहन का देवर आकाश (निवासी शास्त्रीपुरम, थाना सिंकदरा) था। विजय और आकाश पुलिस की गिरफ्त में हैं। घटना में प्रयुक्त हुई मोटर साइकिलें भी पुलिस ने बरामद कर ली हैं। दोनों रिश्तेदर बढ़ई हैं।

क्या है घटनाक्रम

18 दिसम्बर, 2018 को अपराह्न दो बजे के करीब संजलि अपने स्कूल से साइकिल से लौट रही थी। तभी नवांमील के पास उस पर पेट्रोल डालकर जिन्दा जला दिया गया। घटना के 36 घंटे के बाद दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। 20 दिसम्बर को योगेश ने जहर खाकर जान दे दी थी। उसका शव घर की छत पर मिला था। इसके बाद इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया था। उत्तर प्रदेश के मुखयमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को आगरा भेजा। कांग्रेस से प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर आगरा आए। भीम आर्मी के अध्यक्ष चन्द्रशेखर ने भी यहां आकर बयानबाजी। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने जांच की। आय़ोग के अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया ने 15 लाख रुपये की मदद की आश्वासन दिया था। पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस-प्रशासन और योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे थे।

सीसीटीवी फुटेज से पता चला तीन लोग थे

एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि नवांमील पर सीसीटीवी फुटेज देखे गए। उससे पता चला कि घटना में दो नहीं, दो से अधिक लोग थे। हालांकि संजलि ने अपने बयान में कहा था कि दो लोग थे। सात दिन तक चली छानबीन में स्पष्ट हुआ कि घटना में तीन लोग शामिल थे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि घटना में कोई और तो शामिल नहीं है। आरोपितों के बयान की सत्यता भी परखी जा रही है।

कुछ इस तरह जलाया

पुलिस का कहना है कि योगेश और आकाश एक ही बाइक पर थे। विजय दूसरी बाइक पर था। संजलि नवांमील से अपने गांव लालऊ की ओऱ जा रही थी। योगेश और आकाश ने अपनी बाइक उसके पीछे लगा दी। विजय पहले से आगे खड़ा हुआ था। योगेश ही पेट्रोल और लाइटर लेकर आया था। वह संजलि का चेहरा जलाना चाहता था। अंदाज नहीं था कि आग इतनी भड़क जाएगी कि संजलि की मौत हो जाएगी।

क्यों जलाया

पुलिस को छानबीन में पता चला है कि योगेश शातिर किस्म का था। पहले उसने संजलि की बहन अंजलि को नौकरी लगाने का झांसा दिया। जब नौकरी नहीं लगी ति संजलि ने उसे फटकारा। फिर उसने संजलि को अपने जाल में फंलाना चाहा। उसे मॉडल बनाने का सपना दिखाया। कुछ नहीं किया। इस पर दोनों बहनें उसकी हककीत समझ गई थीं। योगेश को फटकारा था। कहा था कि उससे कभी बात न करे। इससे योगेश चिढ़ गया था और इसी कारण उसने संजलि को जिन्दा जला दिया।