
आगरा में पुलिस थाने से लाइसेंसी बंदूक गायब होने का मामला सामने आया है। यह बंदूक वर्ष 2012 में जमा कराई गई थी। बंदूक के मालिक की मौत के बाद उनके बेटे ने वारिसान के तौर पर बंदूक का शस्त्र लाइसेंस अपने नाम करा लिया था। लेकिन जब वह बंदूक लेने थाने पहुंचा तो उसे बताया गया कि बंदूक मालखाने में नहीं मिल रही है। इसके बाद बंदूक के लिए थाने के चक्कर काटते रहे।
पुलिस आयुक्त द्वारा मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने पर थाने में अब वर्ष 2012 से मालखाने का रिकार्ड खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मालखाने का चार्ज किसके पास था।
आपको बता दें बंदूक के मालिक श्यामवीर सिंह का देहांत 14 मार्च 2021 को हो गया था। उनके बेटे ने 10 मई 2023 को वारिसान के तौर पर बंदूक का शस्त्र लाइसेंस अपने नाम करा लिया था। इसके बाद वह पिता द्वारा हासिल की गई बंदूक की रसीद को लेकर थाने पहुंचा था। लेकिन पुलिस ने उसे टरका दिया। कई बार वह बंदूक लेने के लिए गया लेकिन उसकी बात पर गौर नहीं किया गया।
यह बंदूक वर्ष 2012 में जमा कराई गई थी। बंदूक के मालिक की मौत के बाद उनके बेटे ने वारिसान के तौर पर बंदूक का शस्त्र लाइसेंस अपने नाम करा लिया था। लेकिन जब वह बंदूक लेने थाने पहुंचा तो उसे बताया गया कि बंदूक मालखाने में नहीं मिल रही है।
उन्होंने प्रार्थना पत्र भी दिया लेकिन किसी ने रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा। कई बार चक्कर काटने के बाद उसे बताया गया कि बंदूक मालखाने में नहीं मिल रही है। जिसके चलते पीड़ित बेटे ने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त के पास पहुंचकर की। पुलिस आयुक्त ने अब इस बाबत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
पीड़ित का कहना है कि अगर उसके पास बंदूक जमा कराते समय थाने से दी गई रसीद सुरक्षित नहीं होती तो वह इस बाबत दावा भी नहीं कर पाता। इस मामले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मामले में थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बंदूक बरामद कर ली जाएगी।
Published on:
12 Oct 2023 02:55 pm
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