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तो आलू किसान इसलिये कर रहे आत्महत्या, ये आंकड़े चौंकाने वाले, योगी सरकार भी नहीं दे पाई राहत….

36 आलू किसानों ने आत्महत्या की। ये तब की बात है, जब योगी सरकार ने आलू का समर्थन मूल्य 487 रुपये घोषित कर दिया गया।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Oct 16, 2018

Potato farmers

Potato farmers

आगरा। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी, तो पहला फैसला किसान हित में करते हुए कर्जमाफी का रहा। इस कर्जमाफी से किसानों को राहत तो मिली, लेकिन आलू किसानों की आत्महत्या का ग्राफ बढ़ गया। किसान नेता राजवीर लवानियां ने बताया कि सिर्फ आगरा में ही 36 आलू किसानों ने आत्महत्या की। ये तब की बात है, जब योगी सरकार ने आलू का समर्थन मूल्य 487 रुपये घोषित कर दिया गया।

समर्थन मूल्य नहीं आया काम
किसान नेता राजवीर लवानियां ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रदेश से समर्थन मूल्य के हिसाब से 9 लाख क्विंटल आलू खरीद का लक्ष्य रखा गया था। आगरा आलू की सबसे बड़ी बैल्ट है, इसके बाद यहां से सरकार ने महज 9 क्विंटल आलू समर्थन मूल्य के हिसाब से खरीदा। किसान नेता ने कहा कि यदि योगी सरकार किसानों के साथ अच्छा व्यवहार रखती है, तो किसानों ने आत्महत्या नहीं की होती। लम्बे समय से आलू प्रोसिंग यूनिट की मांग चली आ रही है। 2013 में आगरा के कोठी मीना बाजार से पीएम नरेन्द्र मोदी ने वायदा किया था, कि यदि सत्ता में आये, तो आगरा में आलू के लिए स्थायी व्यवस्था करेंगे।

एक एकड़ के हिसाब से देखें आलू की पैदावार, लागत और बिक्री मूल्य


किसान द्वारा आलू की लागत एक एकड़
खेत की भेज 30000
ट्रैक्टर जुताई 10000
आलू बीज 50000
आलू ट्रीटमेंट 500
डीऐपी, 8000
मॉप 2000
जिंक 700
जाइम 600
यूरिया 2400
आलू बुबाई 1600
दवाई छिड़काव 3000
दवाई मजदूरी 1000
पानी 4000
आलू खुदाई 7000
आलू छटाई 5600
बारदाना 8400
सुतली 200
मजदूरी 10000
आलू ढुलाई 4200
कोल्ड भाड़ा 31080
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कुल खर्चा 180280
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उत्पादन
आलू मोटा 180 पैकेट
आलू गुल्ला। 60 पैकेट
आलू किर्र। 40 पैकेट
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280 पैकेट
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आलू की बिक्री वर्तमान समय में

आलू पैकेट प्रति पैकेट मूल्य कुल रेट
मोटा 180 700 126000
गुल्ला 60 450 27000
किरि। 40 150 6000
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159000
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ये की मांग
आलू किसान विकास समिति के अध्यक्ष राजू लवानियां ने बताया कि इस हिसाब से देखा जाये, तो किसान को करीब 21 हजार 280 का बड़ा नुकसान है। इसके बाद किसान की मेहनत उसका तो कहीं भी अता पता नहीं है। किसान नेता ने मांग की है कि यदि ऐसी ही हालत रही, तो आलू किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। सरकार को आलू किसानों के लिए अनुदान देने की योजना लागू करनी चाहिये, जिससे आलू किसान की हालत सुधर सके।