
Braj potato global branding: आगरा के किसानों के सपनों को अब हकीकत की जमीन मिल गई है। वर्षों से चली आ रही मांग पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है। आगरा के सीनाना में 111.5 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर स्थापित होगा। यह सिर्फ एक कृषि अनुसंधान संस्थान नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र के आलू उत्पादकों के लिए एक नई क्रांति की शुरुआत है। केंद्र में किसानों को उन्नत तकनीकों की ट्रेनिंग, प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग, भंडारण और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल आलू की बर्बादी रुकेगी, बल्कि उत्पाद का मूल्य भी बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा।
यह अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र आगरा के सिंगना क्षेत्र में करीब 10 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसके लिए केंद्र सरकार ने ₹111.5 करोड़ की मंजूरी दी है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए ज़मीन बिना किसी लागत के उपलब्ध कराई है, जिससे निर्माण कार्य तेज़ी से शुरू हो सकेगा। यह केंद्र न केवल आलू और शकरकंद की उन्नत किस्मों पर शोध करेगा, बल्कि उत्पादकता, प्रोसेसिंग, और निर्यात जैसे अहम पहलुओं पर भी काम करेगा। इसका सीधा फायदा किसानों को होगा न्हें नई तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिलेगी। साथ ही, रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, और कृषि से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
यह केंद्र ऐसी किस्मों पर रिसर्च करेगा जो पोषण से भरपूर, जलवायु के अनुरूप और अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुसार हों। पहले से ही आलू की प्रमुख मंडियों में शुमार आगरा को इससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी और "ब्रज का आलू" एक नया ग्लोबल ब्रांड बनकर उभरेगा।
आगरा और इसके आसपास के जिलों में आलू की बंपर पैदावार होती है, लेकिन इसके अंतरराष्ट्रीय निर्यात की संभावनाएं अब तक अधूरी रहीं। स्थानीय किसान, मंडी प्रतिनिधि और आलू उत्पादक संगठनों की ओर से लंबे समय से क्षेत्र को एक्सपोर्ट जोन घोषित करने की मांग उठती रही थी। अब जब आगरा में CIP-CSARC (इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर – साउथ एशियन रीजनल सेंटर) की स्थापना हो रही है, तो यह वर्षों पुराना सपना हकीकत बनने जा रहा है। इससे न केवल इस क्षेत्र को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि किसानों को सीधे निर्यात से जुड़ने का अवसर और बेहतर लाभ मूल्य भी मिलेगा।
आगरा के आलू की डिमांड दक्षिण भारत के कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना में होती है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में भी आगरा मंडल का ही आलू जाता है। जबकि निर्यात नेपाल, भूटान, वर्मा, बांग्लादेश, श्रीलंका तक होता है। एक्सपोर्ट जोन बनने के बाद UAE, सऊदी अरब, कुवैत, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका,रूस, पोलैंड, बेल्जियम भी आगरा का आलू एक्सपोर्ट किया जा सकेगा।
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Published on:
26 Jun 2025 05:03 pm
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