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68 हजार शिक्षकों की भर्ती के बावजूद नौनिहालों पर रहेगा पढ़ाई का संकट
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68 हजार शिक्षकों की भर्ती के बावजूद नौनिहालों पर रहेगा पढ़ाई का संकट

पत्रिका अभियान: स्कूल में नहीं अध्यापक, कैसे हो पढ़ाई, नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में अध्यापकों की कमी
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आगरा

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Abhishek Saxena

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Updated: 25 Jan 2018, 11:49 AM IST

आगरा। आगरा जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षकों की कमी के चलते योगी सरकार बेशक 68 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर रही है, लेकिन आगरा नगर क्षेत्र के 13000 हजार बच्चों के लिए कोई राहत नहीं मिलती दिख रही है। आगरा जनपद के परिषदीय स्कूलों में 970 शिक्षक पहुंचेंगे, लेकिन नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूल शिक्षकों के लिए मोहताज रहेगा। आज भी दो कुछ शिक्षकों पर दो स्कूलों का चार्ज है और वो अध्यापकों की नियुक्ति के बाद भी रहेगा। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए नगर क्षेत्र में शिक्षकों की तैनाती की मांग की है।

प्राथमिक शिक्षक संघ आगरा के नगर मंत्री राजीव वर्मा का कहना है कि अनेकों बार नगर के विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई, लेकिन हर बार शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र को मिले हैं। आखिर कब नगर के स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे। 135 प्राथमिक विद्यालय 5 शिक्षक भी मानें तो 675 शिक्षक प्राथमिक में होने चाहिए। इसी प्रकार 31 जूनियर विद्यालय नगर में 3 शिक्षक भी माने जाएं तो 93 शिक्षक होने चाहिए। शिक्षक जूनियर में सिर्फ 35 कार्यरत हैं। कुल 166 विद्यालय में 675+93 =768 शिक्षक के सापेक्ष सिर्फ 210 ही कार्य रहे हैं। वहीं कोषाध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है कि नगर क्षेत्र परिषद के 166 स्कूलों में जूनियर हाईस्कूल और प्राइमरी स्तर के विद्यालय संचालित होते हैं। कक्षा एक से पांच तक की शिक्षा देने के लिए पांच शिक्षक और एक प्रधानाचार्य का होना अनिवार्य है। वहीं उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थी पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक और एक प्राचार्य की जरूरत है। लेकिन, दो सौ शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं। बीएसए अर्चना गुप्ता का कहना है कि शिक्षकों का अभाव देखकर समायोजन प्रक्रिया शुरू की गई थी। कम शिक्षकों वाले स्कूल में समायोजित शिक्षकों को भेजा गया था, लेकिन प्रक्रिया में हाईकोर्ट का स्टे लग गया, ऐसे में शासन स्तर से पूरा मामला चल रहा है।

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