23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यदि गर्मी के इस मौसम में आप कमाना चाहते हैं पुण्य, तो करें यहां संपर्क

संवेदना संस्था द्वारा राहगीरों के लिए शीतल व शुद्ध निशुल्क जल सेवा प्याऊ का उद्घाटन किया गया।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Dhirendra yadav

Apr 04, 2018

Pyau sewa

Pyau sewa

आगरा। सूरज की तपिश जला रही है। जीव जंतु ही नहीं, बल्कि आदमी भी परेशान हो रहा है, ऐसे में जल सेवा कर आप भी पुण्य कमा सकते हैं। जल सेवा को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इस कार्य में भागीदारी निभाते हुए संवेदना संस्था द्वारा राहगीरों के लिए शीतल व शुद्ध निशुल्क जल सेवा प्याऊ का उद्घाटन किया गया।

ये भी पढ़ें -

श्रम मंत्री को दिया ज्ञापन बताया, श्रमिकों के लिए जरूरी हैं ये 11 काम

इसलिए जरूरी जल सेवा
गर्मी के मौसम में जल सेवा सबसे बड़ी सेवा है। राहगीरों को शीतल व शुद्ध जल पिलाकर हम उन्हें डायरिया व डीहाइट्रेशन जैसी समस्या से बचा सकते हैं। यह कहना था संवेदना संस्था के नितीश अग्रवाल का। खंदारी भागीरथी मार्ग पर संस्था द्वारा निशुल्क प्याऊ के शुभारम्भ उन्होंने नारियल फोड़कर व राहगीरों को पानी पिलाकर किया।

ये भी पढ़ें -

नगर विकास मंत्री ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने उकसाया दलित समाज, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर दिया ये बयान

यहां करें संपर्क
संवेदना संस्था के नितीश अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने निवास के आप-पास प्याऊ लगवाना चाहता है तो संस्था द्वारा उसे पानी की टंकी उपलब्ध करायी जाएगी। पानी व स्थान की व्यवस्था व्यक्ति को करनी होगी। इसके लिए वह 9837153455 पर सम्पर्क कर सकते हैं। अनिल भटनागर ने कहा कि गर्मी के मौसम में राहगीरों का प्यास बुझाने के लिए प्याऊ लगवाना सबसे बड़ा धर्म है।

ये भी पढ़ें -

भारत बंद के हिंसात्मक आंदोलन पर स्वामी प्रसाद मौर्या का बड़ा बयान, इन्हें बताया जिम्मेदार

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य रूप से मयंक कुमार अग्रवाल, श्याम माहेश्वरी, संयोजक अखिलेश भटनागर, अनुपम मित्तल, मनोज गुप्ता, अनुराग भटनागर, नीरज मित्तल, पवन अग्रवाल, अखिल मोहन मित्तल, संजय अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल, रविन्द्र गोयल, अमन, राजीव, तरुण प्रफुल्ल, पंकज आदि मौजूद थे।

ये भी पढ़ें -

विश्व स्वास्थ्य दिवस: ये डॉक्टर क्लीनिक भी साइकिल से आते हैं, जानिए क्या है कारण