
'नारी शक्ति श्रीराधा से ही समझे जा सकते हैं नारी के कर्तव्य'
आगरा। सनातन संस्कृति का विशेष उत्सव है राधा अष्टमी। राधा जी ने धरती पर दीवों के कल्याण के लिए जन्म लिया था। श्रीकृष्ण की प्रेरणा थी राधा। राधाजी की शक्ति श्रीकृष्ण के साथ होने के कारण वह गोवर्धन पर्वत को उठाने से लेकर राक्षसों का वध कर पाए। नारी शक्ति श्री राधा का चरित्र जानकर ही आज की स्त्रियां नारी के कतव्र्य को समझ सकती हैं। यह कहना संत श्री राम प्रपन्नाचार्य जी का।
दीप जलाकर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारम्भ श्रीराधा कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष उन्होंने दीप जलाकर किया। श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में राधाष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। स्वामीजी का स्वागत जिसके यजमान माधवी व प्रदीप शर्मा व अध्यक्ष राधाबल्लभ अग्रवाल, शांतिस्वरूप गोयल ने किया। समिति द्वारा डिफेन्स एस्टेट के संर्कीतन यात्रा के सदस्यों केके गौतम, देवेश गोयल, केके जिंदल ने करते हो तुम कन्हैया... जैसे भजनों से भक्तिमय वातावरण को संगीतमय भी बना दिया। समिति द्वारा वृंदावन में कथावाचक का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही आसाम के बहनों ने मंगलाचरण व प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की वंदना, करो सुमिरन गजानन का सभी देवा से आगे हैं, प्रस्तुत की। समिति के अध्यक्ष राधाबल्लभ अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए समिति के कार्यकलापों पर प्रकाश डाला। सरस्वती वंदना सुशील सरित ने प्रस्तुत की। पुरुषोत्म मयूरा के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम संयोजक संजय गोयल थे। संचालन सुशील सरित ने किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के मार्गदर्शक शांतिस्वरूप गोयल, अध्यक्ष राधाबल्लभ अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, संजय गोयल, भगवान दास बंसल, कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सतीश मांगलिक, विवेक मोहन अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, प्रखर गर्ग, विष्णु दयाल बंसल, अशोक माहेश्वरी, रमेश चंद मित्तल, रमेश त्यागी, संजय मित्तल, अविराम, राकेश अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, कल्याण प्रसाद मंगल, मधु गोयल, अर्चना मित्तल, मीरा अग्रवाल, रितु अग्रवाल, बबिता गोयल, सीमा बंसल आदि उपस्थित थे।
Published on:
17 Sept 2018 10:26 am
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