
Raj Babbar
आगरा। राज बब्बर के उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। राज बब्बर मात्र एक ऐसे नेता रहे, जिन्होंने 1999 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अभेद्य दुर्ग कहे जाने वाली आगरा सीट पर जीत हासिल की थी। वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे।
भाजपा प्रत्याशी नहीं टिक सके बब्बर के सामने
1999 में हुए लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर राज बब्बर आगरा से चुनाव लड़े थे, उन्होने यहां से भाजपा के अभेद्य दुर्ग को ध्वस्त कर भगवान शंकर को हराया था। इसके बाद 2004 में फिर से जब चुनाव की बारी आई, तो भाजपा ने मजबूत प्रत्याशी के रूप में मुरारी लाल फतेहपुरिया को चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन राज बब्बर के सामने वे भी नहीं टिक सके। इस प्रकार दो बार राज बब्बर ने आगरा की जनता के दिलों पर राज किया।
पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी को हराया
2009 में आगरा की सीट सुरक्षित होने पर पहली बार बनी फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से राज बब्बर चुनाव मैदान में आए। लेकिन मिनी जाट लैंड कहे जाने वाले फतेहपुर सीकरी में बसपा प्रत्याशी सीमा उपाध्याय ने उन्हें चुनाव हरा दिया। इसके बाद राज बब्बर ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिपंल यादव को फिरोजाबाद से हुए उपचुनाव में शिकस्त दी। इसके बाद 2014 में उन्होंने गाजियाबाद से चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भाजपा के कर्नल वीके सिंह से उनहें भारी मतों से हार मिली।
इस बार फिर तैयारी
पार्टी सूत्रों की मानें तो इस बार राज बब्बर फिर से आगरा में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में राज बब्बर फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ सकते हैं और यही कारण माना जा रहा है कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। उन्हें हाल ही में फतेहपुर सीकरी से पीसीसी भी चुना गया है।
Published on:
21 Mar 2018 12:19 pm
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