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साहब की मालिश के लिए भेज दिया आश्रम पद्धति का छात्र

आश्रम पद्धति के विद्यालय के छात्र को एक बड़े अधिकारी को खुश करने के लिए उनके फ्लैट पर भेज दिया गया।

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आगरा

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Abhishek Saxena

Sep 13, 2017

samaj kalyan adhikari

rajkiya ashram padhiti vidyalaya school student letter

आगरा। आगरा में आश्रम पद्धति के छात्र के साथ उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आश्रम पद्धति के विद्यालय के छात्र को एक बड़े अधिकारी को खुश करने के लिए उनके फ्लैट पर भेज दिया गया। अधिकारी का फ्लैट गाजियाबाद में हैं। छात्र से यहां बंधुया मजदूर के रूप में घर के काम करवाए जाते थे। छात्र का आरोप हैं कि प्रिंसिपल भी मालिश कराता था। वहीं छात्र ने कहा है कि अधिकारी के फ्लैट पर उससे टॉयलेट तक की सफाई कराई गई। एक महीने 3 दिन बाद छात्र भाग कर वापस आया तो महफूज के पश्चिमी उत्तर प्रदेश कोआॅर्डिनेटर नरेश पारस से मदद मिली। छात्र ने जिलाधिकारी आगरा को लिखित शिकायत भी भेजी है।

ये है पूरा मामला
सैंया ब्लॉक में सिकंदरपुर गांव है सिंकदरपुर का रहने वाला अंकित (बदला हुआ नाम) राजकीय स्वच्छकार आश्रम पद्धति विद्यालय इटौरा में कक्षा दसवीं का छात्र हैं। यहां के अधीक्षक राकेश दुबे हैं। छात्र का आरोप है कि राकेश दुबे बच्चे से अपनी मालिश करवाते थे। इसके पिता नाई का काम करते हैं जिसके चलते छात्र अच्छी मालिश कर लेता है, ऐसा अधीक्षक उससे कहते थे। उन्होंने कहा कि साहब की मालिश कर लेगा, तो प्रमोशन हो जाएगा। ऐसा लालच देकर उसे समाज कल्याण अधिकारी आगरा के गाजियाबाद फ्लैट पर भेज दिया गया। समाज कल्याण अधिकारी का नाम संजीव नयन मिश्र बताया गया है, जो आगरा में तैनात हैं। राकेश बच्चे को गाजियाबाद फ्लैट पर ले गए और वहां उसे छोड़कर चले आए। फ्लैट पर घर का पूरा काम करवाते रहे। मालिश भी करवाई गई और घर का खाना बनवाना और कुत्ते को नहलवाना और कुत्ते की कंघी करवाई गई। पेट भरके खाना भी नहीं देते थे। बच्चे को लालच दिया गया था कि मालिश करेगा, तो उसे करीब आठ हजार रुपये दिलवाए जाएंगे। बच्चे को पैसे भी नहीं मिले। बच्चे का कहना है कि सुबह छह बजे उसे जगाकर रात को एक बजे तक काम कराया जाता था। एक महीने तीन दिन तक काम किया। एक दिन कचरा फेंकने के दौरान जब घर से निकला तो बच्चा एक आॅटो में बैठकर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और ट्रेन में बैठकर आगरा आया। यहां ट्रेन में बच्चे को पकड़ा तो स्कूल का कार्ड दिखाकर घर पहुंच गया। परिवार को बात बताई और स्कूल में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपनिदेशक समाज कल्याण विभाग निरीक्षण करने गए थे, उनसे बच्चे ने शिकायत की। लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे ने डीएम को लेटर लिखा और कलेक्ट्रेट भेजा। एडीएम सिटी से मुलाकात कराई। उन्होंने जांच का आश्वासन दिया है। महफूज के पश्चिमी उत्तर प्रदेश कोआॅर्डिनेटर नरेश पारस ने बताया कि मामला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर मामला भेजा है।