
Rajnath Singh Surya
आगरा। प्रखर लेखक और पत्रकार राजनाथ सिंह सूर्य का लखनऊ में निधन हो गया। उनका आगरा से गहरा नाता था। केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष थे। इस कारण भी आगरा में बार-बार आना होता था। केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष होने के नाते उन्होंने केन्द्रीय हिन्दी संस्थान में अनेक सुधार किए।
छह साल रहे उपाध्यक्ष
राजनाथ सिंह सूर्य केन्द्रीय 25 सितम्बर,1998 से अगस्त 2004 तक केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष रहे। मंडल के अधीन ही केन्द्रीय हिन्दी संस्थान कार्य करता है, जो आगरा में है। अहिन्दी भाषी क्षेत्रों में हिन्दी के विकास के लिए राजनाथ सिंह ने केन्द्रीय हिन्दी संस्थान का विस्तार किया। आज केन्द्रीय हिन्दी संस्थान दुनियाभर के लोगों को हिन्दी सिखाने का कार्य करता है।
पुत्र को अध्यक्ष बनाने का किया था विरोध
भाजपा के एक बडे नेता के पुत्र को भाजपा युवा मोर्चा उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बना दिया गया था। राजनाथ सिंह सूर्य ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि इससे भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगेगा। निचले स्तर से काम करके कोई भी आगे आ सकता है। बाद में पार्टी को अपना निर्णय बदलना पड़ा था। भाजपा के मीडिया प्रभारियों को प्रशिक्षण देने का काम भी राजनाथ सिंह सूर्य करते थे।
किसी से भय नहीं खाते थे
भाजपा के पूर्व विधायक और पूर्व महामंत्री संगठन केशो मेहरा ने बताया कि राजनाथ सिंह प्रखर वक्ता थे। वे अपने स्तंभों के माध्यम से हर किसी को दिशा देते थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और भाजपा की ओर से राज्यसभा सदस्य रहे। इसके बाद भी भाजपा में अगर उन्हें कुछ गलत लगता था, तो बिना किसी भय के बताते थे। भाजपा विधायक चौधरी उदयभान सिंह ने बताया कि राजनाथ सिंह सूर्य कई बार उनके यहां आए। उन्होंने राजनीतिक दिशा दी। वे राजनीति में शुचिता के पक्षधर थे। उनके लेख आज भी हर राजनीतिक दल को राह दिखाते हैं। भाजपा के महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे, जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया ने राजनाथ सिंह सूर्य के निधन को बड़ी क्षति बताया है।
Updated on:
13 Jun 2019, 1:46 PM IST
Published on:
13 Jun 2019, 11:00 AM IST
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